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सांसद-विधायक निधि के विकास कार्यों में मानकों का पालन नहीं
Updated Fri, 02 Mar 2018 12:48 AM IST
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बागपत। सांसद और विधायक निधि से चार गांवों में हो रहे विकास कार्य मानक के अनुसार नहीं हो रहे हैं। इसकी शिकायत गांव के लोगों ने परियोजना निदेशक से की। इसके बाद उन्होंने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को निस्तारण कराने के निर्देश दिए हैं।
गांव और कस्बों में विकास कार्यों के लिए सांसद और विधायक निधि से भी बजट जारी होता है। इसके बाद निर्धारित स्थानों पर कार्य कराने में खर्च किया जाता है। दोनों निधियों से अंगदपुर, दोघट, नंगला जाफराबाद और गठीना गांव विकास कार्य कराया जा रहा है। खंड़जा, बाईपास तक इंटरलॉकिंग टाइल्स, रविदास चौपाल और वाल्मीकि चौपाल और चारदीवारी का निर्माण कार्य चल रहा है। गुणवत्ता की जांच और मानक के अनुसार कार्यों के लिए ग्राम्य विकास अभिकरण को जिम्मेदारी दी। इन गांवों में हो रहे कार्यों मानक के अनुसार नहीं हो रहे हैं। गांव के लोगों ने इसकी शिकायत परियोजना निदेशक से की है। बताया कि विभाग द्वारा सामग्री मानक के अनुसार नहीं लगाई जा रही है। जिससे निर्माण होने के कुछ समय बाद ही टूटना शुरू हो जाएगा। कार्यों का निरीक्षण किया तो उसमें काफी कमियां मिली। परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को विकास कार्यों में की गई आपत्तियां और पाई गई कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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गांव और कस्बों में विकास कार्यों के लिए सांसद और विधायक निधि से भी बजट जारी होता है। इसके बाद निर्धारित स्थानों पर कार्य कराने में खर्च किया जाता है। दोनों निधियों से अंगदपुर, दोघट, नंगला जाफराबाद और गठीना गांव विकास कार्य कराया जा रहा है। खंड़जा, बाईपास तक इंटरलॉकिंग टाइल्स, रविदास चौपाल और वाल्मीकि चौपाल और चारदीवारी का निर्माण कार्य चल रहा है। गुणवत्ता की जांच और मानक के अनुसार कार्यों के लिए ग्राम्य विकास अभिकरण को जिम्मेदारी दी। इन गांवों में हो रहे कार्यों मानक के अनुसार नहीं हो रहे हैं। गांव के लोगों ने इसकी शिकायत परियोजना निदेशक से की है। बताया कि विभाग द्वारा सामग्री मानक के अनुसार नहीं लगाई जा रही है। जिससे निर्माण होने के कुछ समय बाद ही टूटना शुरू हो जाएगा। कार्यों का निरीक्षण किया तो उसमें काफी कमियां मिली। परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को विकास कार्यों में की गई आपत्तियां और पाई गई कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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