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आवारा पशुओं पर निगरानी के लिए रात में पहरा दे रहे ग्रामीण
Updated Mon, 05 Feb 2018 01:04 AM IST
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आवारा पशुओं पर निगरानी के लिए रात में पहरा दे रहे ग्रामीण
बड़ौत (बागपत)। चोर और लूट की वारदातों से बचने और बदमाशों पर नजर रखने के लिए तो गांवों में अक्सर रात में पहरा देने की व्यवस्था की जाती रही है। लेकिन इन दिनाें ग्रामीणों को आवारा पशुओं पर नजर रखने के लिए भी रात में पहरा देना पड़ रहा है। वह भी ड्यूटी शेड्यूल बनाकर। दरअसल, ये आवारा पशु लगातार किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाल ये है कि रात में भी इन आवारा पशुओं की निगरानी करनी पड़ रही है।
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि खेतों में आए दिन जंगली जानवरों और आवारा पशुओं की संख्या बढ़ रही है। इससे काफी मात्रा में फसल को नुकसान पहुंच रहा है। रात में भी ये मवेशी फसलों को क्षति पहुंचा रहे हैं। सुबह जाने पर खेतों में जानवरों द्वारा भारी नुकसान मिलता है। इसे देखते हुए ही रात के समय शेड्यूल के हिसाब से पहरेदारी करवाई जा रही है।
बता दें कि इस समस्या के समाधान के लिए कई बार पंचायतों का आयोजन भी हो चुका है। प्रशासन से भी शिकायत की। उन्होंने कहा यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया तो आंदोलन शुरू होगा। क्षेत्र के किसान किरण सिंह, सत्यवीर, ब्रहमपाल, सुरेंद्र, महीपाल, विनोद, तेजपाल, ओमवीर आदि ने समस्या पर चिंता जताई।
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बड़ौत (बागपत)। चोर और लूट की वारदातों से बचने और बदमाशों पर नजर रखने के लिए तो गांवों में अक्सर रात में पहरा देने की व्यवस्था की जाती रही है। लेकिन इन दिनाें ग्रामीणों को आवारा पशुओं पर नजर रखने के लिए भी रात में पहरा देना पड़ रहा है। वह भी ड्यूटी शेड्यूल बनाकर। दरअसल, ये आवारा पशु लगातार किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाल ये है कि रात में भी इन आवारा पशुओं की निगरानी करनी पड़ रही है।
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि खेतों में आए दिन जंगली जानवरों और आवारा पशुओं की संख्या बढ़ रही है। इससे काफी मात्रा में फसल को नुकसान पहुंच रहा है। रात में भी ये मवेशी फसलों को क्षति पहुंचा रहे हैं। सुबह जाने पर खेतों में जानवरों द्वारा भारी नुकसान मिलता है। इसे देखते हुए ही रात के समय शेड्यूल के हिसाब से पहरेदारी करवाई जा रही है।
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बता दें कि इस समस्या के समाधान के लिए कई बार पंचायतों का आयोजन भी हो चुका है। प्रशासन से भी शिकायत की। उन्होंने कहा यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया तो आंदोलन शुरू होगा। क्षेत्र के किसान किरण सिंह, सत्यवीर, ब्रहमपाल, सुरेंद्र, महीपाल, विनोद, तेजपाल, ओमवीर आदि ने समस्या पर चिंता जताई।
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