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आंगनबाड़ियों का कलक्ट्रेट पर धरना
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:33 AM IST
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बागपत।
शासन स्तर से आंगनबाड़ियों की मांगें नहीं मानी गई। उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके विरोध में बुधवार को दोबारा से उन्होंने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर एडीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
बुधवार को जिले की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने कलक्ट्रेट में एकजुट होकर धरना प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। मंडल सचिव सुनीता रंगा और जिलाध्यक्ष सुषमा गुर्जर ने चेतावनी दी कि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी मांगों में मिड-डे मील और रसोइया सहित सभी योजना कर्मियों के वर्क घोषित किए जाए, सभी का न्यूनतम वेतन 18 हजार, पेंशन तीन हजार, फंड, एक फरवरी को आने वाले बजट में पर्याप्त धनराशि का आवंटन, योजनाओं का निजीकरण तत्काल बंद करने आदि शामिल हैं।
वक्ताओं ने कहा कि 13 सूत्री मांगों को लेकर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने करीब 60 दिनों तक कार्य बहिष्कार करते हुए आंदोलन चलाया था। तब शासन स्तर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था और आठ जनवरी तक का समय मांगा गया था। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिला सचिव रचना शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुषमा शर्मा, बबीता, रामवती, मनीषा, शर्मिष्ठा, कविता, पवित्रा, राकेश, बबीता शर्मा सहित अन्य आंगनबाड़ी और सहायिका मौजूद रही।
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सुपरवाइजर पर शोषण करने का आरोप
बिनौली ब्लॉक की सुपरवाइजर द्वारा किए जा रहे शोषण को लेकर भी आंगनबाड़ियों ने धरनास्थल पर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि सुपरवाइजर पर सीडीपीओ का चार्ज है, जो पोषाहार उठवाने के नाम पर 200 रुपये की रिश्वत मांगती है। उनके साथ दो अन्य आंगनबाड़ी हैं, जो सहयोग करती है। चेतावनी दी जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
पुलिस बल रहा तैनात
आंगनबाड़ियों के धरने प्रदर्शन को देखते हुए उनके चारों ओर पुलिस बल तैनात किया हुआ था। काफी संख्या में महिला पुलिस कर्मी उनके आसपास तैनात रही। भारी संख्या में आंगनबाड़ी धरनास्थल पर पहुंची।
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शासन स्तर से आंगनबाड़ियों की मांगें नहीं मानी गई। उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके विरोध में बुधवार को दोबारा से उन्होंने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर एडीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
बुधवार को जिले की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने कलक्ट्रेट में एकजुट होकर धरना प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। मंडल सचिव सुनीता रंगा और जिलाध्यक्ष सुषमा गुर्जर ने चेतावनी दी कि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी मांगों में मिड-डे मील और रसोइया सहित सभी योजना कर्मियों के वर्क घोषित किए जाए, सभी का न्यूनतम वेतन 18 हजार, पेंशन तीन हजार, फंड, एक फरवरी को आने वाले बजट में पर्याप्त धनराशि का आवंटन, योजनाओं का निजीकरण तत्काल बंद करने आदि शामिल हैं।
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वक्ताओं ने कहा कि 13 सूत्री मांगों को लेकर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने करीब 60 दिनों तक कार्य बहिष्कार करते हुए आंदोलन चलाया था। तब शासन स्तर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था और आठ जनवरी तक का समय मांगा गया था। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिला सचिव रचना शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुषमा शर्मा, बबीता, रामवती, मनीषा, शर्मिष्ठा, कविता, पवित्रा, राकेश, बबीता शर्मा सहित अन्य आंगनबाड़ी और सहायिका मौजूद रही।
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सुपरवाइजर पर शोषण करने का आरोप
बिनौली ब्लॉक की सुपरवाइजर द्वारा किए जा रहे शोषण को लेकर भी आंगनबाड़ियों ने धरनास्थल पर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि सुपरवाइजर पर सीडीपीओ का चार्ज है, जो पोषाहार उठवाने के नाम पर 200 रुपये की रिश्वत मांगती है। उनके साथ दो अन्य आंगनबाड़ी हैं, जो सहयोग करती है। चेतावनी दी जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
पुलिस बल रहा तैनात
आंगनबाड़ियों के धरने प्रदर्शन को देखते हुए उनके चारों ओर पुलिस बल तैनात किया हुआ था। काफी संख्या में महिला पुलिस कर्मी उनके आसपास तैनात रही। भारी संख्या में आंगनबाड़ी धरनास्थल पर पहुंची।