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डौला गांव में ज्ञानी जैल सिंह की पुण्यतिथि मनाई
Updated Tue, 26 Dec 2017 01:09 AM IST
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बागपत। विश्वकर्मा समाज के लोगों ने डौला गांव में पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह की 23वीं पुण्यतिथि मनाई गई।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा पंजाब छोटे से गांव संधवा में गरीब बढ़ई परिवार में पैदा होकर ज्ञानी जैल सिंह अपने संघर्ष के बल पर पंजाब के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और राष्ट्रपति तक बनें। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति है तो व्यक्ति बुलंदियों पर पहुंच सकता है। वह समाजवादी विचारक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, महान देशभक्त और संघर्षशील नेता थे। 25 दिसंबर 1995 को एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई । विश्वकर्मा एकता विकास सभा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट मनीष विश्वकर्मा ने कहा विश्वकर्मा समाज सम्मान दिया जाना चाहिए, लेकिन राजनीतिक दल अनदेखी करते हैं। इसकी अध्यक्षता हरिचंद विश्वकर्मा ने की। संचालन विनोद विश्वकर्मा ने किया। इसमें प्रदीप विश्वकर्मा, सचिन, संदीप पांचाल, संजय, मनोज, कमल, राजीव, रोहताश मौजूद रहे।
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इस मौके पर वक्ताओं ने कहा पंजाब छोटे से गांव संधवा में गरीब बढ़ई परिवार में पैदा होकर ज्ञानी जैल सिंह अपने संघर्ष के बल पर पंजाब के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और राष्ट्रपति तक बनें। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति है तो व्यक्ति बुलंदियों पर पहुंच सकता है। वह समाजवादी विचारक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, महान देशभक्त और संघर्षशील नेता थे। 25 दिसंबर 1995 को एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई । विश्वकर्मा एकता विकास सभा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट मनीष विश्वकर्मा ने कहा विश्वकर्मा समाज सम्मान दिया जाना चाहिए, लेकिन राजनीतिक दल अनदेखी करते हैं। इसकी अध्यक्षता हरिचंद विश्वकर्मा ने की। संचालन विनोद विश्वकर्मा ने किया। इसमें प्रदीप विश्वकर्मा, सचिन, संदीप पांचाल, संजय, मनोज, कमल, राजीव, रोहताश मौजूद रहे।