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टीकाकरण से छूटे 15 सौ बच्चे
Updated Wed, 22 Nov 2017 01:34 AM IST
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बागपत। तमाम जागरूकता अभियान के बाद भी कुछ परिवार अभी भी अपने बच्चों का टीकाकरण नहीं करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक एक साल में 1500 बच्चों को परिजनों ने टीके लगवाने से इंकार कर दिया। टीम को कई स्थानों पर विरोध का भी सामना करना पड़ा है।
आठ जानलेवा बीमार पीलिया, काली खांसी, गल घोंटू, टिटेनस, टीबी, खसरा, निमोनिया, पोलियो के बचाव के लिए बच्चों को टीके लगाए जाते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें गली मोहल्ले में कैंप लगाती है। जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। इसके बाद भी कुछ परिवार अपने बच्चों को टीकाकरण नहीं कराते हैं। स्वास्थ्य विभाग का रिकार्ड देखे तो एक साल में 30 हजार बच्चों का टीकाकरण हुआ। 1500 बच्चों को टीके नहीं लगे। उनके परिजनों ने टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया। परिजनों में टीकाकरण को लेकर तरह-तरह की भ्रांति है। टीमें उनको समझाने के लिए घर पर भी गई, लेकिन उन्होंने टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया। जिला प्रतिरक्षक अधिकारी डॉक्टर नीरज त्यागी ने बताया कि 1500 बच्चों को इस साल टीके नहीं लगे हैं, क्योंकि उनके परिजनों ने टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया। काफी समझाने के बाद भी सहमत नहीं हुए।
असारा समेत छह गांवों में बच्चों को कम लगवाते है टीके
बागपत। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कहा असारा, कोताना, टाड़ा, बिलोचपुरा, बसौद, निवाड़ा के अलावा बड़ौत और बागपत शहरी क्षेत्र के कुछ परिवार ऐसे हैं। जो टीकाकरण का विरोध करते है।
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पुराना कस्बा में महिला कर्मी के साथ कर दी थी मारपीट
बागपत। पोलियो की खुराक पिलाने के लिए पिछले दिनों पुराना कस्बा में एक मकान में स्वास्थ्य महिला कर्मी गई। परिजनों ने अपने बच्चे को दवाई पिलाने से इंकार कर दिया । कर्मचारी के आग्रह करने पर हमला कर दिया । उन लोगों ने टीकाकरण का भी बहिष्कार किया । इस मामले में कोतवाली पर मुकदमा दर्ज हुआ । इसके अलावा कई स्थानों पर टीम को विरोध का सामना करना पड़ा।
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आठ जानलेवा बीमार पीलिया, काली खांसी, गल घोंटू, टिटेनस, टीबी, खसरा, निमोनिया, पोलियो के बचाव के लिए बच्चों को टीके लगाए जाते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें गली मोहल्ले में कैंप लगाती है। जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। इसके बाद भी कुछ परिवार अपने बच्चों को टीकाकरण नहीं कराते हैं। स्वास्थ्य विभाग का रिकार्ड देखे तो एक साल में 30 हजार बच्चों का टीकाकरण हुआ। 1500 बच्चों को टीके नहीं लगे। उनके परिजनों ने टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया। परिजनों में टीकाकरण को लेकर तरह-तरह की भ्रांति है। टीमें उनको समझाने के लिए घर पर भी गई, लेकिन उन्होंने टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया। जिला प्रतिरक्षक अधिकारी डॉक्टर नीरज त्यागी ने बताया कि 1500 बच्चों को इस साल टीके नहीं लगे हैं, क्योंकि उनके परिजनों ने टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया। काफी समझाने के बाद भी सहमत नहीं हुए।
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असारा समेत छह गांवों में बच्चों को कम लगवाते है टीके
बागपत। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कहा असारा, कोताना, टाड़ा, बिलोचपुरा, बसौद, निवाड़ा के अलावा बड़ौत और बागपत शहरी क्षेत्र के कुछ परिवार ऐसे हैं। जो टीकाकरण का विरोध करते है।
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पुराना कस्बा में महिला कर्मी के साथ कर दी थी मारपीट
बागपत। पोलियो की खुराक पिलाने के लिए पिछले दिनों पुराना कस्बा में एक मकान में स्वास्थ्य महिला कर्मी गई। परिजनों ने अपने बच्चे को दवाई पिलाने से इंकार कर दिया । कर्मचारी के आग्रह करने पर हमला कर दिया । उन लोगों ने टीकाकरण का भी बहिष्कार किया । इस मामले में कोतवाली पर मुकदमा दर्ज हुआ । इसके अलावा कई स्थानों पर टीम को विरोध का सामना करना पड़ा।