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श्रद्धालुओं ने की मां कालरात्रि की पूजा
Updated Thu, 28 Sep 2017 01:31 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
नवरात्रि के सातवें दिन भी श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर सातवीं देवी कालरात्रि की मंदिरों में पूजा की और पुजारियों ने देवी के स्वरूप पर प्रकाश डाला।
सातवें दिन भी श्रद्धालुओं ने उपवास रखा और नगर के पंचवटी मंदिर, पंच मुखी मंदिर, वैष्णो मंदिर रेलवे स्टेशन, ठाकुरद्वारा, पट्टी चौधरान शिवालय, विश्वकर्मा मंदिर, पंजाबी क्वाटर मंदिर व अन्य मंदिरों में पूजा कर कालरात्रि देवी की विशेष पूजा अर्चना की। शाम को महिलाओं ने मंदिरों में भजन-कीर्तन किए। पुजारियों ने मंदिरों में कालरात्रि की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कालरात्रि अर्थात काल को जीतने वाली। देवी के तीन स्वरूप है। जन्म, पालन और काल। सृष्टि संयोजन और संचालन इन्ही काली जी की कृपा का फल है। माता काली की पूजा से सब कुछ सिद्ध होता है।
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नवरात्रि के सातवें दिन भी श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर सातवीं देवी कालरात्रि की मंदिरों में पूजा की और पुजारियों ने देवी के स्वरूप पर प्रकाश डाला।
सातवें दिन भी श्रद्धालुओं ने उपवास रखा और नगर के पंचवटी मंदिर, पंच मुखी मंदिर, वैष्णो मंदिर रेलवे स्टेशन, ठाकुरद्वारा, पट्टी चौधरान शिवालय, विश्वकर्मा मंदिर, पंजाबी क्वाटर मंदिर व अन्य मंदिरों में पूजा कर कालरात्रि देवी की विशेष पूजा अर्चना की। शाम को महिलाओं ने मंदिरों में भजन-कीर्तन किए। पुजारियों ने मंदिरों में कालरात्रि की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कालरात्रि अर्थात काल को जीतने वाली। देवी के तीन स्वरूप है। जन्म, पालन और काल। सृष्टि संयोजन और संचालन इन्ही काली जी की कृपा का फल है। माता काली की पूजा से सब कुछ सिद्ध होता है।