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न ाव ठेकेदार के खिलाफ हुआ था मुकदमा
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:05 AM IST
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बागपत। नियम को ताक पर रखकर बागपत के नाव ठेकेदार के कार्य करने की गूंज शासन तक पहुंच गई । आरोपी ठेकेदार को प्रशासन ने ब्लैक लिस्ट कर दिया और उनके खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ । इसके बाद भी सबक लेने को तैयार नहीं है। छपरौली से लेकर खेकड़ा तक यमुना किनारे नाव चलती है, लेकिन अधिकतर जगह अवैध तरीके से संचालन हो रहा है।
नाव में ज्यादा सवारी बैठाने और अपने मनमर्जी रुपये वसूली का मामला पहले से ही चला रहा है। बागपत नगर पालिका ने नाव का ठेका छोड़ा। ठेकेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर यमुना नदी में आम रास्ता बना दिया । वहां से ही वाहनों का आवागमन शुरू हो गया । इसकी शिकायत शासन तक की । अफसरों ने इस पर संज्ञान लिया । इसके आधार आरोपी ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। छपरौली से लेकर ककौर, बदरखा, बागपत और काठा समेत अन्य गांवों के सामने यमुना नदी में नाव चलाई जाती है, इन्हें लेकर बार-बार हंगामा होता रहता है।
हरियाणा में मिलती है ज्यादा मजदूरी
बागपत। यमुना नदी से निकालने के बाद जिला अस्पताल पहुंची महिला ने बताया उनको हरियाणा में ज्यादा मजदूरी मिलती है। बागपत में हर रोज काम नहीं मिलता है। मजदूरी के 100 रुपये मिलते हैं। जबकि यमुना पार हरियाणा के जखौली, कनौली, बहरा सहित कई गांवों में उनको 135-140 रुपये मजदूरी मिलती है। इस कारण हरियाणा के गांवों में प्रतिदिन मजदूरी करने चली जाती है।
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नाव में ज्यादा सवारी बैठाने और अपने मनमर्जी रुपये वसूली का मामला पहले से ही चला रहा है। बागपत नगर पालिका ने नाव का ठेका छोड़ा। ठेकेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर यमुना नदी में आम रास्ता बना दिया । वहां से ही वाहनों का आवागमन शुरू हो गया । इसकी शिकायत शासन तक की । अफसरों ने इस पर संज्ञान लिया । इसके आधार आरोपी ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। छपरौली से लेकर ककौर, बदरखा, बागपत और काठा समेत अन्य गांवों के सामने यमुना नदी में नाव चलाई जाती है, इन्हें लेकर बार-बार हंगामा होता रहता है।
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हरियाणा में मिलती है ज्यादा मजदूरी
बागपत। यमुना नदी से निकालने के बाद जिला अस्पताल पहुंची महिला ने बताया उनको हरियाणा में ज्यादा मजदूरी मिलती है। बागपत में हर रोज काम नहीं मिलता है। मजदूरी के 100 रुपये मिलते हैं। जबकि यमुना पार हरियाणा के जखौली, कनौली, बहरा सहित कई गांवों में उनको 135-140 रुपये मजदूरी मिलती है। इस कारण हरियाणा के गांवों में प्रतिदिन मजदूरी करने चली जाती है।
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