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सामाजिक कुरीतियों के विरोध में बिजरौल में पंचायत का आयोजन
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:39 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
बिजरौल गांव के आर्य समाज मदिर में बैठक में हुई। महेंद्र सिंह की अध्यक्षता और ग्राम प्रधान रविंद्र के संचालन में हुई बैठक में मृत्यु के बाद किए जाने वाले कार्यक्रमों के संबंध मेें चल रही कुरीतियों पर विचार किया। इसमें शव पर कपड़े नहीं डालने, शव का अंतिम संस्कार करने में अधिक से अधिक घी और सामग्री इस्तेमाल करने, तेरहवी के दिन यज्ञ के बाद गांव का कोई भी व्यक्ति प्रसाद ग्रहण नहीं करने, अस्थियों को खेत में गड्ढा खोदकर दबाने, यदि किसी व्यक्ति की 65 वर्ष से पहले मौत हो जाती है, तो इसमेें कोई भोज नहीं करने का निर्णय लिया। इसमें थांबा खाप के चौधरी यशपाल सिंह, रामशरण, जयपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, हरवीर, रूपेंद्र, अशोक, ओमपाल, ओमप्रकाश, नरवीर सिंह, मन्नाू, कपिल, बलजोर, ओम सिंह, रघुवीर आदि रहे।
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बिजरौल गांव के आर्य समाज मदिर में बैठक में हुई। महेंद्र सिंह की अध्यक्षता और ग्राम प्रधान रविंद्र के संचालन में हुई बैठक में मृत्यु के बाद किए जाने वाले कार्यक्रमों के संबंध मेें चल रही कुरीतियों पर विचार किया। इसमें शव पर कपड़े नहीं डालने, शव का अंतिम संस्कार करने में अधिक से अधिक घी और सामग्री इस्तेमाल करने, तेरहवी के दिन यज्ञ के बाद गांव का कोई भी व्यक्ति प्रसाद ग्रहण नहीं करने, अस्थियों को खेत में गड्ढा खोदकर दबाने, यदि किसी व्यक्ति की 65 वर्ष से पहले मौत हो जाती है, तो इसमेें कोई भोज नहीं करने का निर्णय लिया। इसमें थांबा खाप के चौधरी यशपाल सिंह, रामशरण, जयपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, हरवीर, रूपेंद्र, अशोक, ओमपाल, ओमप्रकाश, नरवीर सिंह, मन्नाू, कपिल, बलजोर, ओम सिंह, रघुवीर आदि रहे।