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सचिवों के नहीं आने से गांवों में विकास कार्य ठप
Updated Mon, 17 Sep 2018 12:53 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। ब्लाक मुख्यालय के अंतर्गत अधिकांश गांवों मेें विकास कार्य नहीं हो रहे है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश सचिव गांवों में नहीं आते, जिसके चलते गांव मेें विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने विभागीय अफसरों से कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना था कि ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले अधिकांश गांवों मेें कई माह से सफाई व्यवस्था चौपट पड़ी है और पानी निकासी की भी उचित व्यवस्था नहीं है, जिस कारण ग्रामीणों को जल भराव व गंदगी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। आरोप है कि जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाए जाने को लेकर भी कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन कोई अधिकारी नहीं मिल रहा है। गांव मेें शौचालय निर्माण भी सही ढंग से नहीं कराए जा रहे हैं। आरोप लगाया कि अधिकांश सचिवों के पास दो से तीन गांव हैं, लेकिन किसी भी गांव में सचिव जाना पसंद नहीं करते। पूछने पर बहाने बनाते हैं कि आज तो दूसरे गांव मेें हूं, कल अन्य किसी गांव में कार्यक्रम तय है। कई-कई दिन बीत जाने के बाद भी गांव नहीं आते, इससे विकास कार्य भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। बीडीओ प्रेमचंद का कहना था कि यदि इस प्रकार की शिकायत है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। आक्रोश जताने वालों में सुधीर, प्रमोद, संजीव, हरपाल, अशोक, दिनेश, संजय, प्रदीप, मोहित, प्रशांत आदि शामिल हैं।
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ग्रामीणों का कहना था कि ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले अधिकांश गांवों मेें कई माह से सफाई व्यवस्था चौपट पड़ी है और पानी निकासी की भी उचित व्यवस्था नहीं है, जिस कारण ग्रामीणों को जल भराव व गंदगी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। आरोप है कि जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाए जाने को लेकर भी कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन कोई अधिकारी नहीं मिल रहा है। गांव मेें शौचालय निर्माण भी सही ढंग से नहीं कराए जा रहे हैं। आरोप लगाया कि अधिकांश सचिवों के पास दो से तीन गांव हैं, लेकिन किसी भी गांव में सचिव जाना पसंद नहीं करते। पूछने पर बहाने बनाते हैं कि आज तो दूसरे गांव मेें हूं, कल अन्य किसी गांव में कार्यक्रम तय है। कई-कई दिन बीत जाने के बाद भी गांव नहीं आते, इससे विकास कार्य भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। बीडीओ प्रेमचंद का कहना था कि यदि इस प्रकार की शिकायत है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। आक्रोश जताने वालों में सुधीर, प्रमोद, संजीव, हरपाल, अशोक, दिनेश, संजय, प्रदीप, मोहित, प्रशांत आदि शामिल हैं।
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