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ऐसा होगा एनएच-709बी :
Updated Tue, 11 Sep 2018 01:00 AM IST
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बागपत। एनएच 709बी का चौड़ीकरण तीन चरणों में किया जाएगा। पहले दो चरण का मंगलवार को शिलान्यास होगा। बागपत में बावली-किशनपुर बराल के बीच टोल प्लाजा बनेगा, जबकि दूसरा टोल सहारनपुर में नानौती के नजदीक बनेगा। बागपत से लोनी के बीच के हिस्से की डीपीआर तैयार की जा रही है।
155 किमी लंबे हाईवे के लिए 1505.72 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। तीन चरण में निर्माण होगा। पहले चरण में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से निर्माण प्रक्रिया शुरू होकर शामली बाईपास तक जाएगी। दूसरे चरण की डीपीआर पूरी हो चुकी है, टेंडर प्रक्रिया 13 सितंबर को पूरी की जाएगी। लोकसभा चुनाव से पहले इसके पहले हिस्से का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह कहते हैं कि प्रयास किया जा रहा है कि निर्माण शुरू होने के बाद बिना रूक प्रक्रिया चलती रहे, ताकि लोगों को लाभ हो सके।
ऐसा होगा दिल्ली-सहारनपुर हाईवे :
पथ की लंबाई 155.25 किमी
परियोजना चार लेन, चौड़ीकरण
लागत 1505.72 करोड
पुल 15
पुलिया 209
बस पड़ाव 62
रेलवे ओवर ब्रिज 03
टोल प्लाजा 02
सर्विस रोड 3.35 किमी
मेजर इंटरसेक्शन 09
माइनर इंटरसेक्शन 156
यह होगी खास बातें
बागपत। शामली के एलम में भारत माला प्रोजेक्ट के तहत बाईपास बनेगा। इसके अलावा शामली को जाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास का निर्माण किया जाएगा। सहारनपुर में साढे़ तीन किमी की सर्विस रोड का निर्माण होगा।
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पहला चरण डेढ़ और दूसरा चरण दो साल में बनेगा
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से शामली बाईपास तक के पहले चरण के निर्माण के लिए अधिकतम समय 18 माह का रहेगा। यानि लोकसभा चुनाव से बाद तक निर्माण चल सकता है। पहले चरण में 61.409 किमी लंबी सड़क बनेगी। दूसरे चरण के निर्माण के लिए 24 माह का समय दिया गया है। तीसरे चरण की अभी डीपीआर तैयार की जा रही है।
घर में दिल्ली, लेकिन हाईवे ने कर रखी है दूर
बागपत। बागपत से दिल्ली की दूरी करीब 35 किमी ही है। लेकिन दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गड्ढ़ों की वजह से लोग परेशानी झेल रहे थे। हाईवे दिल्ली जाने के बजाए लोग ट्रोनिका सिटी का रास्ता चुन रहे थे। इसके अलावा गौरीपुर मोड़ से सोनीपत होते हुए दिल्ली जाने का विकल्प था। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद से हालांकि सहूलियत हुई है। बागपत में मवीकलां कट से कुंडली होते हुए दिल्ली का सफर आसान हुआ है। हाईवे के निर्माण से लोगों को फायदा होगा।
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155 किमी लंबे हाईवे के लिए 1505.72 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। तीन चरण में निर्माण होगा। पहले चरण में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से निर्माण प्रक्रिया शुरू होकर शामली बाईपास तक जाएगी। दूसरे चरण की डीपीआर पूरी हो चुकी है, टेंडर प्रक्रिया 13 सितंबर को पूरी की जाएगी। लोकसभा चुनाव से पहले इसके पहले हिस्से का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह कहते हैं कि प्रयास किया जा रहा है कि निर्माण शुरू होने के बाद बिना रूक प्रक्रिया चलती रहे, ताकि लोगों को लाभ हो सके।
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ऐसा होगा दिल्ली-सहारनपुर हाईवे :
पथ की लंबाई 155.25 किमी
परियोजना चार लेन, चौड़ीकरण
लागत 1505.72 करोड
पुल 15
पुलिया 209
बस पड़ाव 62
रेलवे ओवर ब्रिज 03
टोल प्लाजा 02
सर्विस रोड 3.35 किमी
मेजर इंटरसेक्शन 09
माइनर इंटरसेक्शन 156
यह होगी खास बातें
बागपत। शामली के एलम में भारत माला प्रोजेक्ट के तहत बाईपास बनेगा। इसके अलावा शामली को जाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास का निर्माण किया जाएगा। सहारनपुर में साढे़ तीन किमी की सर्विस रोड का निर्माण होगा।
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पहला चरण डेढ़ और दूसरा चरण दो साल में बनेगा
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से शामली बाईपास तक के पहले चरण के निर्माण के लिए अधिकतम समय 18 माह का रहेगा। यानि लोकसभा चुनाव से बाद तक निर्माण चल सकता है। पहले चरण में 61.409 किमी लंबी सड़क बनेगी। दूसरे चरण के निर्माण के लिए 24 माह का समय दिया गया है। तीसरे चरण की अभी डीपीआर तैयार की जा रही है।
घर में दिल्ली, लेकिन हाईवे ने कर रखी है दूर
बागपत। बागपत से दिल्ली की दूरी करीब 35 किमी ही है। लेकिन दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गड्ढ़ों की वजह से लोग परेशानी झेल रहे थे। हाईवे दिल्ली जाने के बजाए लोग ट्रोनिका सिटी का रास्ता चुन रहे थे। इसके अलावा गौरीपुर मोड़ से सोनीपत होते हुए दिल्ली जाने का विकल्प था। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद से हालांकि सहूलियत हुई है। बागपत में मवीकलां कट से कुंडली होते हुए दिल्ली का सफर आसान हुआ है। हाईवे के निर्माण से लोगों को फायदा होगा।