{"_id":"5b957c7c867a557f373dadc9","slug":"61536523388-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घोटाले का खामियाजा जनता पर, देरी से बंटेगा राशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घोटाले का खामियाजा जनता पर, देरी से बंटेगा राशन
Updated Mon, 10 Sep 2018 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
घर के कनस्तर में राशन खत्म होने पर कोटे की दुकान से जल्द खाद्यान्न वितरण की उम्मीद लगाए है तो थोड़ी निराशा होगी। सिस्टम में सेध और अफसरों की लापरवाही से हुए राशन घोटाले का खामियाजा कार्डधारकों को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि 17 सितंबर से पहले वितरण की संभावना नहीं है।
सरकारी राशन डीलर की दुकानों से हर माह की 5 से 16 तक वितरण के निर्देश है, लेकिन इस बार राशन डीलरों ने कई मांगों को लेकर राशन वितरण न करने से इंकार कर दिया है। इससे कार्डधारकों की परेशानी बढ़ रही है, क्योंकि उनके घर पर रखा राशन खत्म हो चुका है, राशन डीलर के यहां पर राशन लेने जाते है तो वे इंकार कर देते हैं, क्योंकि प्रदेश के सैकड़ों कोटेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
राशन विक्रेता एसोसिएशन तहसील क्षेत्र के अध्यक्ष सुधीर दांगी ने बताया कि तहसील क्षेत्र में करीबन 98 राशन विक्रेताओं की दुकान है। जिन पर कम से कम 400 राशन कार्ड लगे हैं। एक राशन विक्रेता के यहां पर दो से चार या पांच यूनिट तक राशनकार्ड धारकों के लिए जाता है। यूनिट परिवार में सदस्यों की संख्या पर आधारित मिलती है। उन्होंने राशन डीलरों को मानदेय दिलाने, अन्य प्रदेशों की भांति दो क्विंटल कमीशन दिया जाने व एमडीएम का ढुलाई भाडे़ का भुगतान करने के साथ-साथ राशन डीलरों पर हुए मुकदमों को वापस करने की मांग भी उठाई।
विज्ञापन
दूसरी तरफ राशन डीलर एसोसिएशन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष कुशल पाल ने कहा कि एनएफएसए के अनुसार डोर स्टेप डिलीवरी दी, कोटेदारों के खिलाफ दर्ज किए मुकदमे वापस लिया जाए। तभी राशन वितरण करें। अन्यथा नहीं। उधर राशन डीलरों की मनमानी के चलते कार्डधारक परेशान हो चुके हैं।
विज्ञापन
घर के कनस्तर में राशन खत्म होने पर कोटे की दुकान से जल्द खाद्यान्न वितरण की उम्मीद लगाए है तो थोड़ी निराशा होगी। सिस्टम में सेध और अफसरों की लापरवाही से हुए राशन घोटाले का खामियाजा कार्डधारकों को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि 17 सितंबर से पहले वितरण की संभावना नहीं है।
सरकारी राशन डीलर की दुकानों से हर माह की 5 से 16 तक वितरण के निर्देश है, लेकिन इस बार राशन डीलरों ने कई मांगों को लेकर राशन वितरण न करने से इंकार कर दिया है। इससे कार्डधारकों की परेशानी बढ़ रही है, क्योंकि उनके घर पर रखा राशन खत्म हो चुका है, राशन डीलर के यहां पर राशन लेने जाते है तो वे इंकार कर देते हैं, क्योंकि प्रदेश के सैकड़ों कोटेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
विज्ञापन
राशन विक्रेता एसोसिएशन तहसील क्षेत्र के अध्यक्ष सुधीर दांगी ने बताया कि तहसील क्षेत्र में करीबन 98 राशन विक्रेताओं की दुकान है। जिन पर कम से कम 400 राशन कार्ड लगे हैं। एक राशन विक्रेता के यहां पर दो से चार या पांच यूनिट तक राशनकार्ड धारकों के लिए जाता है। यूनिट परिवार में सदस्यों की संख्या पर आधारित मिलती है। उन्होंने राशन डीलरों को मानदेय दिलाने, अन्य प्रदेशों की भांति दो क्विंटल कमीशन दिया जाने व एमडीएम का ढुलाई भाडे़ का भुगतान करने के साथ-साथ राशन डीलरों पर हुए मुकदमों को वापस करने की मांग भी उठाई।
विज्ञापन
दूसरी तरफ राशन डीलर एसोसिएशन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष कुशल पाल ने कहा कि एनएफएसए के अनुसार डोर स्टेप डिलीवरी दी, कोटेदारों के खिलाफ दर्ज किए मुकदमे वापस लिया जाए। तभी राशन वितरण करें। अन्यथा नहीं। उधर राशन डीलरों की मनमानी के चलते कार्डधारक परेशान हो चुके हैं।