{"_id":"5ab005b14f1c1b8f778b667f","slug":"61521485233-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की
Updated Tue, 20 Mar 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
नवरात्रि के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर देवी ब्रह्चारिणी की विशेष पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। नगर के पंचवटी मंदिर, रेलवे स्टेशन स्थित वैष्णव मंदिर, पट्टी चौधरान स्थित शिवालय, ठाकुरद्वारा शिवालय, पंच मुखी मंदिर, पंजाबी क्वार्टर मंदिर, इमली वाला मंदिर आदि में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। रेलवे स्टेशन स्थित वैष्णव मंदिर के पुजारी आकाश पंडित ने बताया कि ब्रह्मा जी की शक्ति होने से यह स्वरूप ब्रह्मचारिणी नाम से लोक प्रसिद्ध हुआ। इनका उद्भव ब्रह्मा के कमंडल से माना जाता है। ब्रह्मा जी सृष्टि के सर्जक हैं और ब्रह्मचारिणी उनकी शक्ति हैं। जब मानस पुत्रों से सृष्टि का विस्तार नहीं हो सका तो तो ब्रह्मा जी की इसी शक्ति ने सृष्टि का विस्तार किया।
विज्ञापन
नवरात्रि के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर देवी ब्रह्चारिणी की विशेष पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। नगर के पंचवटी मंदिर, रेलवे स्टेशन स्थित वैष्णव मंदिर, पट्टी चौधरान स्थित शिवालय, ठाकुरद्वारा शिवालय, पंच मुखी मंदिर, पंजाबी क्वार्टर मंदिर, इमली वाला मंदिर आदि में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। रेलवे स्टेशन स्थित वैष्णव मंदिर के पुजारी आकाश पंडित ने बताया कि ब्रह्मा जी की शक्ति होने से यह स्वरूप ब्रह्मचारिणी नाम से लोक प्रसिद्ध हुआ। इनका उद्भव ब्रह्मा के कमंडल से माना जाता है। ब्रह्मा जी सृष्टि के सर्जक हैं और ब्रह्मचारिणी उनकी शक्ति हैं। जब मानस पुत्रों से सृष्टि का विस्तार नहीं हो सका तो तो ब्रह्मा जी की इसी शक्ति ने सृष्टि का विस्तार किया।