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डौलचा गांव में दो गांवों के भट्ठा परिवारों को बंधक मुक्त किया
Updated Sun, 21 Jan 2018 01:16 AM IST
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बागपत। एंटी भूमाफिया की टीम ने डौलचा गांव में एक ईंट भट्ठे पर दो गांवों के मजदूर परिवार को बंधक मुक्त कराया। भट्ठा मालिक की मौजूदगी में उन्हें गांव भेजा। वहीं चेतावनी दी दोबारा से ऐसी शिकायत मिलती है तो कार्रवाई होगी।
शनिवार को एंटी भूमाफिया टीम को डौलचा गांव के लोगों ने शिकायत कर बताया ईंट भट्ठे पर कुछ परिवारों को बंधक बनाकर उनसे मजदूरी कराई जाती है। उन्हें मजदूरी का मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। इसके बाद टीम के प्रभारी कानूनगो कुलदीप राठी के श्रम परिवर्तन अधिकारी को साथ लेकर भट्ठे पर पहुंचे। उन्होंने भट्ठे पर पहुंचकर अन्य मजदूरों से जानकारी जुटाई। इसके बाद बली और हरचंदपुर गांव के मजदूरों के पास पहुंचे। उन्होंने भट्ठा मालिक पर जबरन मजदूरी कराने और उन्हें मजदूरी रुपये न देने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कई बार घर जाने के लिए कहा, लेकिन उन्हें नहीं जाने दिया। धमकी दी जाने लगी। कानूनगो कुलदीप राठी ने बताया कि उन्होंने मजदूरों की शिकायत पर भट्ठा मालिक को मौके पर बुलवाया। उसने कहा कि जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वो गलत हैं। उन्हें पूरा रुपये दिए जा चुके हैं। जब भी जाना चाहे, वह जा सकते हैं, उन्होंने किसी को बंधक नहीं बनाया हुआ है। कानूनगो ने मौके पर ही कैंटर को बुलवाकर उनका सामान भरकर दोनो गांवों के लिए रवाना किया।
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शनिवार को एंटी भूमाफिया टीम को डौलचा गांव के लोगों ने शिकायत कर बताया ईंट भट्ठे पर कुछ परिवारों को बंधक बनाकर उनसे मजदूरी कराई जाती है। उन्हें मजदूरी का मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। इसके बाद टीम के प्रभारी कानूनगो कुलदीप राठी के श्रम परिवर्तन अधिकारी को साथ लेकर भट्ठे पर पहुंचे। उन्होंने भट्ठे पर पहुंचकर अन्य मजदूरों से जानकारी जुटाई। इसके बाद बली और हरचंदपुर गांव के मजदूरों के पास पहुंचे। उन्होंने भट्ठा मालिक पर जबरन मजदूरी कराने और उन्हें मजदूरी रुपये न देने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कई बार घर जाने के लिए कहा, लेकिन उन्हें नहीं जाने दिया। धमकी दी जाने लगी। कानूनगो कुलदीप राठी ने बताया कि उन्होंने मजदूरों की शिकायत पर भट्ठा मालिक को मौके पर बुलवाया। उसने कहा कि जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वो गलत हैं। उन्हें पूरा रुपये दिए जा चुके हैं। जब भी जाना चाहे, वह जा सकते हैं, उन्होंने किसी को बंधक नहीं बनाया हुआ है। कानूनगो ने मौके पर ही कैंटर को बुलवाकर उनका सामान भरकर दोनो गांवों के लिए रवाना किया।
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