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रामनगर में 50 प्रतिशत ग्रामीण जाते है खुले में शौच
Updated Mon, 14 Aug 2017 01:20 AM IST
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बागपत। ओडीएफ के नाम पर अफसर और जनता को बरगलाया जा रहा है। खुले में शौच मुक्त किए गए गांवों में ही कमियां हैं। पिलाना ब्लॉक के रामनगर गांव में सीवीओ को निरीक्षण में लोग खुले में शौच को जाते हुए मिले। यही नहीं गांव के 50 प्रतिशत लोग ऐसा करते हैं। मानक के अनुसार शौचालय नहीं बनाए गए।
31 दिसंबर तक जिले को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) करना निर्धारित है। स्वतंत्रता दिवस के दिन 100 गांवों को खुले में शौच से आजादी का प्लान बनाया हुआ है। फाइलों में ही अफसरों के प्लान बन रहे हैं। जो गांव पहले ही ओडीएफ घोषित कराए जा चुके हैं उनमें कमियां ही कमियां हैं। उन्हीं गांव के लोग खुले में शौच करने के लिए जाते हैं। शौचालय भी मानक के अनुसार नहीं बन रहे हैं। रामनगर गांव को प्रधान और सरकारी तंत्र द्वारा ओडीएफ घोषित कराया गया। प्रशासन ने इसकी जांच के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकरी डॉ. राजपाल सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने निरीक्षण किया तो हतप्रभ रह गए। प्रात: काल 10 महिला और पुरुषों को खेत खलियानों में खुले में शौच करने जाते देखा। उन्होंने गांव के लोगों से पूछताछ की तो बताया कि 50 प्रतिशत लोग आज भी खुले में शौच करने के लिए जाते हैं। जिन शौचालयों का निर्माण कराया गया है वह मानक के अनुसार नहीं बनाए गए। आधी अधूरी सामग्री लगाई जा रही है।
सीवीओ ने अपनी रिपोर्ट सीडीओ को दी। बताया कि प्रधान द्वारा शौचालय पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। सीडीओ चांदनी सिंह ने सीवीओ की रिपोर्ट प्रधान को नोटिस जारी किया। बताया कि ओडीएफ के कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। इस संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। अधिकारों को प्रतिबंधित कर कानून कार्रवाई भी प्रकाश में लाई जा सकती है।
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31 दिसंबर तक जिले को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) करना निर्धारित है। स्वतंत्रता दिवस के दिन 100 गांवों को खुले में शौच से आजादी का प्लान बनाया हुआ है। फाइलों में ही अफसरों के प्लान बन रहे हैं। जो गांव पहले ही ओडीएफ घोषित कराए जा चुके हैं उनमें कमियां ही कमियां हैं। उन्हीं गांव के लोग खुले में शौच करने के लिए जाते हैं। शौचालय भी मानक के अनुसार नहीं बन रहे हैं। रामनगर गांव को प्रधान और सरकारी तंत्र द्वारा ओडीएफ घोषित कराया गया। प्रशासन ने इसकी जांच के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकरी डॉ. राजपाल सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने निरीक्षण किया तो हतप्रभ रह गए। प्रात: काल 10 महिला और पुरुषों को खेत खलियानों में खुले में शौच करने जाते देखा। उन्होंने गांव के लोगों से पूछताछ की तो बताया कि 50 प्रतिशत लोग आज भी खुले में शौच करने के लिए जाते हैं। जिन शौचालयों का निर्माण कराया गया है वह मानक के अनुसार नहीं बनाए गए। आधी अधूरी सामग्री लगाई जा रही है।
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सीवीओ ने अपनी रिपोर्ट सीडीओ को दी। बताया कि प्रधान द्वारा शौचालय पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। सीडीओ चांदनी सिंह ने सीवीओ की रिपोर्ट प्रधान को नोटिस जारी किया। बताया कि ओडीएफ के कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। इस संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। अधिकारों को प्रतिबंधित कर कानून कार्रवाई भी प्रकाश में लाई जा सकती है।
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