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सरकार का निजी चीनी मिलों पर नियंत्रण नहीं - राकेश टिकैत
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बिनौली (बागपत)।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि देश में कृषि को मनरेगा से जोड़कर ही किसानों का भला हो सकता है। उन्होंने कहा सरकार का निजी चीनी मिलों पर नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा गन्ना समस्या को लेकर प्रदेशभर में जिला मुख्यालय पर किसान 14 फरवरी को धरना प्रदर्शन करेंगे।
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत रविवार को जिवाना के नीलकंठ आश्रम में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा जब तक कृषि को मनरेगा से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक किसानों का भला नहीं हो सकता। केंद्र सरकार विभिन्न फसलों का समर्थन मूल्य तय करती है, लेकिन यह दाम किसानों को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि कृषि व फसलों के दाम को डिजिटल इंडिया से लिंक किया जाए। देश का किसान आज भी बदहाल है।
उन्होंने कहा प्रदेश में निजी चीनी मिल मालिक मनमानी कर रहे हैं। सरकार का उन पर कोई नियंत्रण नहीं है। इससे किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कुछ चीनी मिलों ने पिछले वित्तीय वर्ष के बकाया गन्ना का भुगतान तक नहीं किया है। उन्होंने बताया कि 14 फरवरी को प्रत्येक जिला मुख्यालय पर गन्ना समस्या को लेकर भाकियू कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करेंगे। फिर शामली मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद किसान प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा के थाना भवन स्थित कार्यालय में सवाल करेंगे। उन्होंने कहा किसान क्रांति यात्रा ने हर दल के एजेंडे में किसान को शामिल कराया। उन्होंने बताया कि देश के किसान क्रांति यात्रा कभी भी शुरू कर सकते हैं।
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भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि देश में कृषि को मनरेगा से जोड़कर ही किसानों का भला हो सकता है। उन्होंने कहा सरकार का निजी चीनी मिलों पर नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा गन्ना समस्या को लेकर प्रदेशभर में जिला मुख्यालय पर किसान 14 फरवरी को धरना प्रदर्शन करेंगे।
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत रविवार को जिवाना के नीलकंठ आश्रम में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा जब तक कृषि को मनरेगा से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक किसानों का भला नहीं हो सकता। केंद्र सरकार विभिन्न फसलों का समर्थन मूल्य तय करती है, लेकिन यह दाम किसानों को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि कृषि व फसलों के दाम को डिजिटल इंडिया से लिंक किया जाए। देश का किसान आज भी बदहाल है।
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उन्होंने कहा प्रदेश में निजी चीनी मिल मालिक मनमानी कर रहे हैं। सरकार का उन पर कोई नियंत्रण नहीं है। इससे किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कुछ चीनी मिलों ने पिछले वित्तीय वर्ष के बकाया गन्ना का भुगतान तक नहीं किया है। उन्होंने बताया कि 14 फरवरी को प्रत्येक जिला मुख्यालय पर गन्ना समस्या को लेकर भाकियू कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करेंगे। फिर शामली मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद किसान प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा के थाना भवन स्थित कार्यालय में सवाल करेंगे। उन्होंने कहा किसान क्रांति यात्रा ने हर दल के एजेंडे में किसान को शामिल कराया। उन्होंने बताया कि देश के किसान क्रांति यात्रा कभी भी शुरू कर सकते हैं।
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