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उतम शौच धर्म की पूजा, श्री जी का किया शुद्ध जल से अभिषेक
Updated Wed, 19 Sep 2018 01:33 AM IST
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बागपत। दसलक्षण पर्व के पांचवें दिन उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई। कल्पदु्रम विधान पर 108 अर्घ्य अर्पित किए। सभी भगवान की शुद्ध जल से जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की।
श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मंगलवार को पांचवें दिन दसलक्षण पर्व के मौके पर जैन श्रद्धालुओं ने उत्तम शौच धर्म की पूजा की। पंडित अशोक जैन और सिद्धार्थ जैन भगवान श्री 1008 अजितनाथ, नेमिनाथ, शांतिनाथ, पार्श्वनाथ का मंत्रोचारण से अभिषेक किया गया। शांतिधारा का कार्यक्रम आयोजित किया । कल्पदु्रम विधान की क्रियाएं आरंभ हुई। विधान में चक्रवर्ती पुनीत जैन रहे। पूजा के बाद समोशरण में अर्घ्य चढ़ाए । पंडित अशोक जैन ने धर्मसभा में कहा मनुष्य इतना स्वार्थी और स्वावलंबी हो गया कि अपने कार्यों के लिए या अपनी बातों को सही बताने के लिए केवल गलत बातों और गलत विचारों के माध्यम से फुटनीति करता रहता है, परंतु उसको नहीं पता जब झूठ का एक दिन भर जाएगा तो क्या होगा। इसके लिए हम लोगों को अपने विचारों को इतना सरल व सच्चा बनाना है कि कोई हमें गलत न कह सके। शाम के समय पंच परमेष्टी भगवान की सामूहिक आरती हुई। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पुरुषार्थ कितना बलवान प्रतियोगिता का आयोजन किया। बाद में विजेताओं को सम्मानित किया। इसमें पीयूष जैन, अतुल जैन, मयंक जैन, विकास जैन, मोहित जैन, पुनीत जैन, नमन जैन, नीलम जैन, प्रिया, कामिनी, प्रमोद जैन, आनंद जेन, शिखर चंद जैन, सुधीर जैन, अंतिमा, आस्था, नेहा, सुनील, नमन, मयंक जैन आदि रहे।
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श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मंगलवार को पांचवें दिन दसलक्षण पर्व के मौके पर जैन श्रद्धालुओं ने उत्तम शौच धर्म की पूजा की। पंडित अशोक जैन और सिद्धार्थ जैन भगवान श्री 1008 अजितनाथ, नेमिनाथ, शांतिनाथ, पार्श्वनाथ का मंत्रोचारण से अभिषेक किया गया। शांतिधारा का कार्यक्रम आयोजित किया । कल्पदु्रम विधान की क्रियाएं आरंभ हुई। विधान में चक्रवर्ती पुनीत जैन रहे। पूजा के बाद समोशरण में अर्घ्य चढ़ाए । पंडित अशोक जैन ने धर्मसभा में कहा मनुष्य इतना स्वार्थी और स्वावलंबी हो गया कि अपने कार्यों के लिए या अपनी बातों को सही बताने के लिए केवल गलत बातों और गलत विचारों के माध्यम से फुटनीति करता रहता है, परंतु उसको नहीं पता जब झूठ का एक दिन भर जाएगा तो क्या होगा। इसके लिए हम लोगों को अपने विचारों को इतना सरल व सच्चा बनाना है कि कोई हमें गलत न कह सके। शाम के समय पंच परमेष्टी भगवान की सामूहिक आरती हुई। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पुरुषार्थ कितना बलवान प्रतियोगिता का आयोजन किया। बाद में विजेताओं को सम्मानित किया। इसमें पीयूष जैन, अतुल जैन, मयंक जैन, विकास जैन, मोहित जैन, पुनीत जैन, नमन जैन, नीलम जैन, प्रिया, कामिनी, प्रमोद जैन, आनंद जेन, शिखर चंद जैन, सुधीर जैन, अंतिमा, आस्था, नेहा, सुनील, नमन, मयंक जैन आदि रहे।
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