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सिद्धि विनायक गणेश को याद करें और इस कलयुग से मुक्ति पायें
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:33 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
महाराष्ट्र गणेश मंडल के तत्वावधान में चल रहें गणेश महोत्सव के पांचवें दिन गणेश जी की विशेष पूजा अर्चना की और हल्दी और कुमकुम लगाकर श्रद्धालुओं को तिलक लगाया।
इस अवसर पर गणेश जी जहां कार्यक्रम को सफल बनाने में सपना, स्वाति, शारदा, शांता, जयश्री, विद्या, सविता आदि का सहयोग रहा। पंडित पवन शास्त्री ने गणेश जी को सिद्धि के दाता बताया। वहीं वे सौभाग्य के दाता भी है। उन्होंने आठ अवतार का वर्णन किया। इनमें वक्रतुंड, एकदंत, महोधर, लंबोधर, गजानना, विकट, विघ्न, धू भ्रवर्ण अर्थात जिनके एक दांत सूप के समान विशाल कान हाथी के समान, मुख और चार भुजाएं हैं। इनके हाथों में यश और अंकुश धारण किए, ऐसे सिद्धि विनायक देव का ध्यान करें और इस कलयुग से मुक्ति पाए। अंत में भजन व उड़िया नृत्य की प्रस्तुति की। गण्ेाश जी का मोदक प्रसाद वितरित किया। इसमें आदेश गुप्ता, तानाजी, विजय, महेश, बाबूराम शर्मा, अरविंद, मारुति, प्रकाश, शाहजी, शिवाजी आदि रहे।
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महाराष्ट्र गणेश मंडल के तत्वावधान में चल रहें गणेश महोत्सव के पांचवें दिन गणेश जी की विशेष पूजा अर्चना की और हल्दी और कुमकुम लगाकर श्रद्धालुओं को तिलक लगाया।
इस अवसर पर गणेश जी जहां कार्यक्रम को सफल बनाने में सपना, स्वाति, शारदा, शांता, जयश्री, विद्या, सविता आदि का सहयोग रहा। पंडित पवन शास्त्री ने गणेश जी को सिद्धि के दाता बताया। वहीं वे सौभाग्य के दाता भी है। उन्होंने आठ अवतार का वर्णन किया। इनमें वक्रतुंड, एकदंत, महोधर, लंबोधर, गजानना, विकट, विघ्न, धू भ्रवर्ण अर्थात जिनके एक दांत सूप के समान विशाल कान हाथी के समान, मुख और चार भुजाएं हैं। इनके हाथों में यश और अंकुश धारण किए, ऐसे सिद्धि विनायक देव का ध्यान करें और इस कलयुग से मुक्ति पाए। अंत में भजन व उड़िया नृत्य की प्रस्तुति की। गण्ेाश जी का मोदक प्रसाद वितरित किया। इसमें आदेश गुप्ता, तानाजी, विजय, महेश, बाबूराम शर्मा, अरविंद, मारुति, प्रकाश, शाहजी, शिवाजी आदि रहे।
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