{"_id":"5b8300c642c792466e6ee735","slug":"51535312070-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानव कल्याण की कामना की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानव कल्याण की कामना की
Updated Mon, 27 Aug 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिनौली (बागपत)।
बरनावा के लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय परिसर में रविवार को सामवेद पारायण यज्ञ हुआ। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर मानव कल्याण की कामना की।
इस मौके पर यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा कि यज्ञ के द्वारा पर्यावरण की शुद्धि होकर वर्षा, जल और औषधि पवित्र होती है और जीवन का निर्माण होता है। यज्ञ में वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ आहुति देने वाले जीवधारियों का मन और अंत:करण पवित्र होता है। उन्होंने कहा कि माता पिता की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। हमें अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों की भी शिक्षा देनी चाहिए। योगाचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा कहा कि यज्ञ की सुगंधि से वातावरण की विषैली गैसों का विनाश होता है। आचार्य विनोद कुमार, जयवीर दत्त, विजयपाल शास्त्री, सुनील शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री ने भी वेदोपदेश दिया। सुबोध त्यागी, अर्पणा, विमल त्यागी, आंचल, खिलारी सिंह, युद्धवीर सिंह, संजीव त्यागी यज्ञमान रहे। यज्ञ में निमेष शास्त्री, विनोद करनावल, यशोधर्मा सोलंकी, प्रमोद त्यागी नारंगपुर, फेरु सिंह, विजय कुमार, संजीव मुलसम, मधुसूदन त्यागी, दिनेश कालन्द, विष्णु प्रधान आदि रहे।
विज्ञापन
बरनावा के लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय परिसर में रविवार को सामवेद पारायण यज्ञ हुआ। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर मानव कल्याण की कामना की।
इस मौके पर यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा कि यज्ञ के द्वारा पर्यावरण की शुद्धि होकर वर्षा, जल और औषधि पवित्र होती है और जीवन का निर्माण होता है। यज्ञ में वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ आहुति देने वाले जीवधारियों का मन और अंत:करण पवित्र होता है। उन्होंने कहा कि माता पिता की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। हमें अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों की भी शिक्षा देनी चाहिए। योगाचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा कहा कि यज्ञ की सुगंधि से वातावरण की विषैली गैसों का विनाश होता है। आचार्य विनोद कुमार, जयवीर दत्त, विजयपाल शास्त्री, सुनील शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री ने भी वेदोपदेश दिया। सुबोध त्यागी, अर्पणा, विमल त्यागी, आंचल, खिलारी सिंह, युद्धवीर सिंह, संजीव त्यागी यज्ञमान रहे। यज्ञ में निमेष शास्त्री, विनोद करनावल, यशोधर्मा सोलंकी, प्रमोद त्यागी नारंगपुर, फेरु सिंह, विजय कुमार, संजीव मुलसम, मधुसूदन त्यागी, दिनेश कालन्द, विष्णु प्रधान आदि रहे।
विज्ञापन