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तीन साल से नहीं उठा विद्यालय के भवन का मलबा
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:28 AM IST
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दोघट (बागपत)। कान्हड़ गांव में तीन साल से बेसिक प्राइमरी पाठशाला का भवन बारिश के कारण गिर गया था। सूचना देने के बाद भी बेसिक विभाग के अफसरों या ग्राम प्रधान ने भवन के मलबे को आज तक नहीं उठवाया है। इससे स्कूल के आसपास के कई मकानों को खतरा बना हुआ है। ग्रामीण ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर स्कूल का मलबा उठाने की मांग की। साथ कहा यदि मांग पूरी नहीं हुई तो ग्रामीण एक अगस्त से भूख हड़ताल शुरू करने को मजबूर हो जाएंगे।
कान्हड़ गांव निवासी सत्येंद्र सिंह पंवार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि वर्ष 2015 में बारिश के कारण बेसिक प्राइमरी पाठशाला का भवन गिर गया था, जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और ग्रामी प्रधान की लापरवाही से भवन का मलबा आज तक भी ज्यों का त्यों स्कूल परिसर में पड़ा हुआ है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से लेकर डीएम तक शिकायत की, लेकिन मलबे को नहीं उठाया गया। मलबे के कारण आधा रास्ता बंद है। इससे उनके मकान सहित कई मकानों को खतरा बना हुआ है। बारिश के पानी के कारण कई मकानों की दीवार भी खराब हो गई है। इससे बारिश का पानी अंदर घर में घुस जाता है। इससे कई परिवारों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा यदि 31 जुलाई तक समस्या का समाधान नहीं किया गया तो एक अगस्त से वे गांव में ही परिवार सहित भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
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कान्हड़ गांव निवासी सत्येंद्र सिंह पंवार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि वर्ष 2015 में बारिश के कारण बेसिक प्राइमरी पाठशाला का भवन गिर गया था, जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और ग्रामी प्रधान की लापरवाही से भवन का मलबा आज तक भी ज्यों का त्यों स्कूल परिसर में पड़ा हुआ है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से लेकर डीएम तक शिकायत की, लेकिन मलबे को नहीं उठाया गया। मलबे के कारण आधा रास्ता बंद है। इससे उनके मकान सहित कई मकानों को खतरा बना हुआ है। बारिश के पानी के कारण कई मकानों की दीवार भी खराब हो गई है। इससे बारिश का पानी अंदर घर में घुस जाता है। इससे कई परिवारों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा यदि 31 जुलाई तक समस्या का समाधान नहीं किया गया तो एक अगस्त से वे गांव में ही परिवार सहित भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
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