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कहीं जन्मे श्रीराम तो कहीं लगा रावण का दरबार
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:52 AM IST
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कहीं जन्मे श्रीराम तो कहीं लगा रावण का दरबार
बागपत। जिले में विभिन्न स्थानों पर रामलीलाओं का मंचन किया गया। दर्शकों ने रामलीला देखी और कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा की।
शहर के ठाकुर द्वारा मोहल्ले में रघुवर रामलीला समिति की ओर से चल रही रामलीला में राजा दशरथ तीन रानी होने पर भी वे संतान सुख से वंचित है। वह दुखी होकर अपने गुरू वशिष्ठ से मंत्रणा करते है। मुनि वशिष्ट राजा दशरथ को अग्नि देव की पूजा करने को कहते हैं। विष्णु भगवान से अग्नि से प्रकट हो राजा देशरथ जी को पुत्र फल देकर तीनों रानी को खाने को देते हैं। इसके बाद चार पुत्रों का जन्म होता है। इसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न नामकरण किया । पूरा पंडाल राम के जय कारों से गुंजायमान हो गया। दीप जलाकर मंगल गीत गाए । संजय रुहेला, जोंटी, प्रकाश, रोहताश गुप्ता, नरेश गुप्ता, राजीव कौशिक, ललित जैन, प्रमोद जैन, लवी जैन, लोकेश गुप्ता, बब्बू सक्सेना, सुजीत, बिजेन्द्र, बॉबी जैन, विजय किशोर, जुली रुहेला, मुन्ना जैन, राजू चौहान, सतपाल , सतीश गुप्ता, ओमवती चौधरी मौजूद रहे। इसके अलावा पुराना कस्बा के बागेश्वर महादेव मंदिर और शहर के बड़ा बाजार, टटीरी के रेलवे मैदान में में भी श्रीराम की लीलाओं का मंचन किया ।
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बागपत। जिले में विभिन्न स्थानों पर रामलीलाओं का मंचन किया गया। दर्शकों ने रामलीला देखी और कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा की।
शहर के ठाकुर द्वारा मोहल्ले में रघुवर रामलीला समिति की ओर से चल रही रामलीला में राजा दशरथ तीन रानी होने पर भी वे संतान सुख से वंचित है। वह दुखी होकर अपने गुरू वशिष्ठ से मंत्रणा करते है। मुनि वशिष्ट राजा दशरथ को अग्नि देव की पूजा करने को कहते हैं। विष्णु भगवान से अग्नि से प्रकट हो राजा देशरथ जी को पुत्र फल देकर तीनों रानी को खाने को देते हैं। इसके बाद चार पुत्रों का जन्म होता है। इसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न नामकरण किया । पूरा पंडाल राम के जय कारों से गुंजायमान हो गया। दीप जलाकर मंगल गीत गाए । संजय रुहेला, जोंटी, प्रकाश, रोहताश गुप्ता, नरेश गुप्ता, राजीव कौशिक, ललित जैन, प्रमोद जैन, लवी जैन, लोकेश गुप्ता, बब्बू सक्सेना, सुजीत, बिजेन्द्र, बॉबी जैन, विजय किशोर, जुली रुहेला, मुन्ना जैन, राजू चौहान, सतपाल , सतीश गुप्ता, ओमवती चौधरी मौजूद रहे। इसके अलावा पुराना कस्बा के बागेश्वर महादेव मंदिर और शहर के बड़ा बाजार, टटीरी के रेलवे मैदान में में भी श्रीराम की लीलाओं का मंचन किया ।