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झूठी वाहीवाह लूट रहे है सता पक्ष के लोग- वीरपाल राठी
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:39 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
छपरौली के पूर्व विधायक और रालोद नेता वीरपाल राठी ने कहा रमाला मिल के विस्तारीकरण को लेकर सत्ता पक्ष के लोग झूठी वाही वाह लूट रहे हैं। जबकि विस्तारीकरण के मामले में पहले ही स्टीमेट तैयार कर दिया गया था। अब धन राशि आवंटित हुई है।
उन्होंने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा 17 अप्रैल 1978 में स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह ने रमाला मिल की स्थापना कराई थी। उस समय इसकी क्षमता साढ़े 12 हजार क्विंटल थी। 1999-2000 में चौधरी अजित सिंह ने रमाला मिल की क्षमता दोगुना यानि 25 हजार क्विंटल कराई थी। इसके बाद फिर चौधरी अजित सिंह ने 2002 में इसकी क्षमता 25 हजार से बढ़ाकर 27 हजार क्विंटल कराई थी। उन्होंने कहा चौधरी अजित सिंह के प्रयास से 2014 में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड नई दिल्ली द्वारा उनके द्वारा विस्तारीकरण का पत्र भेजे जाने पर 50 हजार का स्टीमेट सर्वे के बाद तैयार हुआ था और साथ-साथ 25 मेगावाट बिजली संयंत्र का स्टीमेट भी बनाया था, जो 207 करोड़ था। वहीं असारा गांव के छह किसानों से एक हेक्टेयर भूमि भी आवंटित की। उन्होंने कहा अब जिस मिल के विस्तारीकरण का मामला भाजपा सरकार से पहला चला आ रहा था, उनके नेता इसके विस्तारीकरण के लिए वाही वाह लूट रहे हैं और बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
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छपरौली के पूर्व विधायक और रालोद नेता वीरपाल राठी ने कहा रमाला मिल के विस्तारीकरण को लेकर सत्ता पक्ष के लोग झूठी वाही वाह लूट रहे हैं। जबकि विस्तारीकरण के मामले में पहले ही स्टीमेट तैयार कर दिया गया था। अब धन राशि आवंटित हुई है।
उन्होंने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा 17 अप्रैल 1978 में स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह ने रमाला मिल की स्थापना कराई थी। उस समय इसकी क्षमता साढ़े 12 हजार क्विंटल थी। 1999-2000 में चौधरी अजित सिंह ने रमाला मिल की क्षमता दोगुना यानि 25 हजार क्विंटल कराई थी। इसके बाद फिर चौधरी अजित सिंह ने 2002 में इसकी क्षमता 25 हजार से बढ़ाकर 27 हजार क्विंटल कराई थी। उन्होंने कहा चौधरी अजित सिंह के प्रयास से 2014 में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड नई दिल्ली द्वारा उनके द्वारा विस्तारीकरण का पत्र भेजे जाने पर 50 हजार का स्टीमेट सर्वे के बाद तैयार हुआ था और साथ-साथ 25 मेगावाट बिजली संयंत्र का स्टीमेट भी बनाया था, जो 207 करोड़ था। वहीं असारा गांव के छह किसानों से एक हेक्टेयर भूमि भी आवंटित की। उन्होंने कहा अब जिस मिल के विस्तारीकरण का मामला भाजपा सरकार से पहला चला आ रहा था, उनके नेता इसके विस्तारीकरण के लिए वाही वाह लूट रहे हैं और बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
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