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50 लोगों के स्टाफ पर 861 बंदियों की निगरानी
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50 लोगों के स्टाफ पर 861 बंदियों की निगरानी
खेकड़ा। जिला कारागार में लंबे समय से सुविधाओं का अभाव झेल रहा है। हालात यह है कि 861 बंदियों के इलाज की जिम्मेदारी मात्र एक चिकित्सक के कंधों पर टिकी है। वही जेल अधीक्षक के सहयोग के लिए महज 50 लोगों का स्टाफ है। अधीक्षक ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है।
मुन्ना बजरंगी की हत्या से सुर्खियों में आया जिला कारागार सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। जेल मे 861 बंदी बंद हैं। इन बंदियों के स्वास्थ की देखरेख के लिये मात्र एक चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट नियुक्त है जबकि यहां दो चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि उनके पास मात्र 25 जेल वार्डर हैं। अन्य कर्मचारी मिलाकर केवल 50 लोगों का स्टाफ है। जो बंदियों की संख्या के हिसाब से बेहद कम है। चिकित्सालय में मात्र एक डाक्टर है। आए दिन कोई न कोई बंदी बीमार हो जाता है। ऐसे में यहां डाक्टर के दो रिक्त पडे पद भी भरे जाने चाहिए। और जेल मे स्टाफ की बढ़ोतरी की आवश्यकता है। उन्होेंने बताया कि गांधी जयंती पर कार्यक्रम में अफसरों के सामने स्टाफ की मांग की जाएगी।
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खेकड़ा। जिला कारागार में लंबे समय से सुविधाओं का अभाव झेल रहा है। हालात यह है कि 861 बंदियों के इलाज की जिम्मेदारी मात्र एक चिकित्सक के कंधों पर टिकी है। वही जेल अधीक्षक के सहयोग के लिए महज 50 लोगों का स्टाफ है। अधीक्षक ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है।
मुन्ना बजरंगी की हत्या से सुर्खियों में आया जिला कारागार सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। जेल मे 861 बंदी बंद हैं। इन बंदियों के स्वास्थ की देखरेख के लिये मात्र एक चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट नियुक्त है जबकि यहां दो चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि उनके पास मात्र 25 जेल वार्डर हैं। अन्य कर्मचारी मिलाकर केवल 50 लोगों का स्टाफ है। जो बंदियों की संख्या के हिसाब से बेहद कम है। चिकित्सालय में मात्र एक डाक्टर है। आए दिन कोई न कोई बंदी बीमार हो जाता है। ऐसे में यहां डाक्टर के दो रिक्त पडे पद भी भरे जाने चाहिए। और जेल मे स्टाफ की बढ़ोतरी की आवश्यकता है। उन्होेंने बताया कि गांधी जयंती पर कार्यक्रम में अफसरों के सामने स्टाफ की मांग की जाएगी।
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