फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   49 cases are registered against the infamous Dharmendra Kirthal

50 हजार के इनामी धर्मेंद्र किरठल पर दर्ज हैं 49 मुकदमे

Tue, 08 Jun 2021 11:19 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jun 2021 11:19 PM IST
विज्ञापन
49 cases are registered against the infamous Dharmendra Kirthal
बागपत। देहरादून से गिरफ्तार कुख्यात धर्मेंद्र किरठल के खिलाफ 49 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के 15 से ज्यादा मुकदमे हैं। इनके अतिरिक्त लूट व रंगदारी के मामले हैं। ज्यादातर में उसे जमानत मिल चुकी है। वहीं, कुछ मुकदमे खत्म हो चुके हैं।
विज्ञापन

धर्मेंद्र किरठल के खिलाफ 28 साल पहले लूट का पहला मुकदमा रमाला थाने में दर्ज हुआ था। इसके बाद से वह लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम देता रहा है। वह उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा में गिरोह बनाकर संगठित अपराध करता था। बीते वर्ष 15 अक्टूबर को शासन के निर्देश पर पुलिस ने उसकी 60 लाख कीमत की संपत्ति कुर्क की थी। पिछले दिनों पंचायत चुनाव के दौरान धर्मेंद्र किरठल की उसके गांव किरठल के आसपास गतिविधियों की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने तब ड्रोन कैमरों की मदद से जंगल खंगाला था। हालांकि उसका सुराग नहीं लगा था।
विज्ञापन

विरोधी का साथ देने पर की थी इरशाद की हत्या
बीती 12 दिसंबर को ग्राम किरठल की पट्टी मूले जाट निवासी इरशाद अली (58) की खेत में गन्ना छीलते समय गोली मारकर हत्या कर दी थी। इरशाद के बेटे सद्दाम हुसैन ने कुख्यात धर्मेंद्र किरठल, सुन्हेड़ा गांव निवासी सतेंद्र मुखिया, मुजफ्फरनगर के सिसौली निवासी सुभाष उर्फ छोटू और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में धर्मेंद्र किरठल फरार चल रहा था। इसके चलते आईजी प्रवीण कुमार ने उसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित कराया था। बताया कि यह हत्या चुनावी रंजिश को लेकर की गई थी। किरठल गांव में मूले जाटों की करीब 800 वोट हैं। वे इरशाद के इशारे पर एकमुश्त किसी भी प्रत्याशी को मिलती थी। इस बार इरशाद धर्मेंद्र किरठल के विरोधी कृष्णपाल का साथ दे रहा था। जिसके चलते इरशाद की हत्या कर दी गई। पिछले पंचायत चुनाव में धर्मेंद्र किरठल की मां सुरेश देवी जिला पंचायत सदस्य और पत्नी सुदेश देवी ग्राम प्रधान बनी थीं। इस बार भी उसके परिजन चुनाव लड़ने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस के दबाव के चलते वे ऐसा नहीं कर पाए। इस बार कृष्णपाल की पत्नी मंजू ग्राम प्रधान बनी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed