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विमल सागर महाराज का रजत समाधि दिवस मनाया
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बागपत। सरूरपुर कलां गांव स्थित श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भक्तामर महामंडल विधान के 14वें दिन आचार्य विमल सागर जी महाराज की पूजा अर्चना की। मंदिर में पद विहार करके मुनि क्षीरसागर जी महाराज पहुंचे।
विधान के निदेशक नमन जैन ने बताया कि वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमल सागर जी महाराज के रजत समाधि महोत्सव के बारे में बताया। आचार्य श्री ने संपूर्ण भारत में पद विहार करते कई जिनालयों और तीर्थों का उद्धार करवाया। तीर्थराज सम्मेद शिखर जी आपके अनूठे प्रयासों से सुरक्षित हुआ। मर्यादा शिष्योत्तम आचार्य श्री भरत सागर जी ऋषिराज, आचार्य पुष्प दंत सागर जी व गणाचार्य विराग सागर जी जैसे महागुरु भदी आपके पवित्र हस्तों से दीक्षित हुए। आप महान चर्या के धारी, निमित्त ज्ञानी थे। ऐसे वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमल सागर जी महायतिवर का तीर्थराज सम्मेद शिखर जी में 29 दिसंबर 1994 में उत्तम श्रेष्ठ समाधि मरण हुआ। आचार्य भगवंत का 25वां समाधि दिवस उन्हें नमन किया। भक्तामर महामंडल विधान के दौरान मंदिर में मुनि क्षीरसागर जी महाराज पद विहार करके अतिशय क्षेत्र मंदिर पहुंचे। यहां पर श्रद्धालुओं न उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान लक्ष्य, वैशाली, पूर्ति, तृप्ति, हंस कुमार, संतोष, सिम्मी, अनीता, उषा, गीता, मेघा आदि रही।
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विधान के निदेशक नमन जैन ने बताया कि वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमल सागर जी महाराज के रजत समाधि महोत्सव के बारे में बताया। आचार्य श्री ने संपूर्ण भारत में पद विहार करते कई जिनालयों और तीर्थों का उद्धार करवाया। तीर्थराज सम्मेद शिखर जी आपके अनूठे प्रयासों से सुरक्षित हुआ। मर्यादा शिष्योत्तम आचार्य श्री भरत सागर जी ऋषिराज, आचार्य पुष्प दंत सागर जी व गणाचार्य विराग सागर जी जैसे महागुरु भदी आपके पवित्र हस्तों से दीक्षित हुए। आप महान चर्या के धारी, निमित्त ज्ञानी थे। ऐसे वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमल सागर जी महायतिवर का तीर्थराज सम्मेद शिखर जी में 29 दिसंबर 1994 में उत्तम श्रेष्ठ समाधि मरण हुआ। आचार्य भगवंत का 25वां समाधि दिवस उन्हें नमन किया। भक्तामर महामंडल विधान के दौरान मंदिर में मुनि क्षीरसागर जी महाराज पद विहार करके अतिशय क्षेत्र मंदिर पहुंचे। यहां पर श्रद्धालुओं न उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान लक्ष्य, वैशाली, पूर्ति, तृप्ति, हंस कुमार, संतोष, सिम्मी, अनीता, उषा, गीता, मेघा आदि रही।
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