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फाइलों में ही चालू कर दी गई कंडेरा बिजलीघर से आपूर्ति
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:49 AM IST
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फाइलों में ही चालू कर दी कंडेरा बिजलीघर से आपूर्ति
बागपत। तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावे किताबी है...अदम गोंडवी का ये शेर विद्युत निगम के कारनामे पर सटीक बैठता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से कंडेरा विद्युत उपकेंद्र से गांव के बिजली आपूर्ति का सवाल पूछा गया तो अधिशासी अभियंता ने जवाब पत्र में लिख दिया कि आपूर्ति चालू कर दी गई है जबकि हकीकत में कंडेरा गांव के लोगों को कंडेरा के बजाए बामनौली विद्युत उपकेंद्र से बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
चार साल पहले कंडेरा गांव में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया गया था। निगम की योजना कंडेरा उपकेंद्र को निरपुड़ा बिजलीघर से बिजली आपूर्ति करने की थी। लेकिन दोघट क्षेत्र के कई गांव के लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। एक सप्ताह बिजली आपूर्ति दिए जाने के बाद निरपुड़ा से कंडेरा बिजलीघर की लाइन कट कर दी गई। ऐसे में व्यवस्था बनाए रखने के लिए कंडेरा गांव की बिजली आपूर्ति बामनौली से शुरू की गई। पिछले महीने मेरठ आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कपिल तोमर के नेतृत्व में ग्रामीण मिले और कंडेरा उपकेेंद्र को चलवाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने निगम के अधिकारियों से जानकारी मांगी। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार की ओर से जवाब भेजा गया कि केंद्र का निर्माण पूरा करा दिया गया है और लाइन में बिजली आपूर्ति भी सुचारु करा दी गई है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आपूर्ति कंडेरा से नहीं, बल्कि बामनौली उपकेंद्र से की जा रही है।
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इनसेट
क्या कहते हैं अधिकारी?
कंडेरा उपकेंद्र के एसडीओ सुधाकर का कहना है कि आपूर्ति बामनौली से की जा रही है। लेकिन जल्द ही गांव की आपूर्ति कंडेरा से शुरू कर दी जाएगी। तकनीकी समस्या के कारण फिलहाल आपूर्ति नहीं की जा रही है। उधर, अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार का कहना है कि वह मामले की जांच करा रहे हैं। आपूर्ति में अगर कोई समस्या है तो उसे दूर कराकर कंडेरा से ही बिजली आपूर्ति की जाएगी।
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इनसेट
क्या कहते हैं ग्रामीण?
शिकायतकर्ता कपिल तोमर, अजय कुमार, पंकज कुमार, धर्मवीर सिंह, बिजेंद्र, देवेंद्र, समयपाल, रामपाल सिंह और ओमप्रकाश का कहना है कि उर्जा निगम ने मुख्यमंत्री कार्यालय को गलत सूचना दी है। इस बाबत डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को अवगत कराया गया है। गांव को कंडेरा से ही बिजली की आपूर्ति होनी चाहिए।
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बागपत। तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावे किताबी है...अदम गोंडवी का ये शेर विद्युत निगम के कारनामे पर सटीक बैठता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से कंडेरा विद्युत उपकेंद्र से गांव के बिजली आपूर्ति का सवाल पूछा गया तो अधिशासी अभियंता ने जवाब पत्र में लिख दिया कि आपूर्ति चालू कर दी गई है जबकि हकीकत में कंडेरा गांव के लोगों को कंडेरा के बजाए बामनौली विद्युत उपकेंद्र से बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
चार साल पहले कंडेरा गांव में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया गया था। निगम की योजना कंडेरा उपकेंद्र को निरपुड़ा बिजलीघर से बिजली आपूर्ति करने की थी। लेकिन दोघट क्षेत्र के कई गांव के लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। एक सप्ताह बिजली आपूर्ति दिए जाने के बाद निरपुड़ा से कंडेरा बिजलीघर की लाइन कट कर दी गई। ऐसे में व्यवस्था बनाए रखने के लिए कंडेरा गांव की बिजली आपूर्ति बामनौली से शुरू की गई। पिछले महीने मेरठ आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कपिल तोमर के नेतृत्व में ग्रामीण मिले और कंडेरा उपकेेंद्र को चलवाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने निगम के अधिकारियों से जानकारी मांगी। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार की ओर से जवाब भेजा गया कि केंद्र का निर्माण पूरा करा दिया गया है और लाइन में बिजली आपूर्ति भी सुचारु करा दी गई है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आपूर्ति कंडेरा से नहीं, बल्कि बामनौली उपकेंद्र से की जा रही है।
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क्या कहते हैं अधिकारी?
कंडेरा उपकेंद्र के एसडीओ सुधाकर का कहना है कि आपूर्ति बामनौली से की जा रही है। लेकिन जल्द ही गांव की आपूर्ति कंडेरा से शुरू कर दी जाएगी। तकनीकी समस्या के कारण फिलहाल आपूर्ति नहीं की जा रही है। उधर, अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार का कहना है कि वह मामले की जांच करा रहे हैं। आपूर्ति में अगर कोई समस्या है तो उसे दूर कराकर कंडेरा से ही बिजली आपूर्ति की जाएगी।
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क्या कहते हैं ग्रामीण?
शिकायतकर्ता कपिल तोमर, अजय कुमार, पंकज कुमार, धर्मवीर सिंह, बिजेंद्र, देवेंद्र, समयपाल, रामपाल सिंह और ओमप्रकाश का कहना है कि उर्जा निगम ने मुख्यमंत्री कार्यालय को गलत सूचना दी है। इस बाबत डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को अवगत कराया गया है। गांव को कंडेरा से ही बिजली की आपूर्ति होनी चाहिए।