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उतर रेलवे के डीआरएम केंद्रीय सूचना आयोग में तलब
Updated Thu, 25 Jan 2018 01:16 AM IST
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बागपत।
आरटीआई कार्यकर्ता ने उत्तर रेलवे के डीआरएम से तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। किसी का भी जवाब नहीं दिया गया है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण 63 रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी का नमूने फेल होने की सूचना है। केंद्रीय सूचना आयोग ने 31 जनवरी को तलब किया है।
बाल अधिकार संरक्षण और आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि उत्तर रेलवे के दिल्ली-सहारनपुर और दिल्ली-कानुपर तक पड़ने वाले 63 स्टेशन ऐसे है जहां पीने के पानी का नमूने फेल हो गए है। यात्रियों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। जिसके चलते उसने उत्तर रेलवे के डीआरएम 63 स्टेशनों पर हुए पीने के पानी के नमूने फेल की सूचना मांगी थी। किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावा दिल्ली-सहारनपुर रेलवे लाइन का दोहरीकरण, विद्युतीकरण और बड़ौत-अग्रवाल मंडी टटीरी में बनने वाले रेलवे फाटक और फ्लाइओवर के बारे में जानकारी मांगी। इसका भी कोई जवाब नहीं दिया गया है। उसने केंद्रीय सूचना आयोग में इसकी अपील की गई। जिसके बाद उत्तर रेलवे के डीआरएम को 31 जनवरी को तलब किया है। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर स्वच्छ पानी के लिए वह जल्द हाईकोर्ट में जनहित में वाद दायर करेंगे।
एएसपी सूचना आयोग में तलब
बागपत। आरटीआई कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता पवन तिवारी ने बताया कि ईश्वरी प्रसाद तिवारी के खिलाफ वर्ष 2014 में कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ । आरोप है कि पुलिस ने केस की सहीं विवेचना नहीं की। आरटीआई के तहत सूचना मांगी तो इस संबंध में अपूर्ण जानकारी दी गई। इसकी राज्य सूचना आयोग में अपील की। इस पर आयोग ने जन सूचना अधिकारी एएसपी को दो फरवरी को तलब किया है।
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आरटीआई कार्यकर्ता ने उत्तर रेलवे के डीआरएम से तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। किसी का भी जवाब नहीं दिया गया है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण 63 रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी का नमूने फेल होने की सूचना है। केंद्रीय सूचना आयोग ने 31 जनवरी को तलब किया है।
बाल अधिकार संरक्षण और आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि उत्तर रेलवे के दिल्ली-सहारनपुर और दिल्ली-कानुपर तक पड़ने वाले 63 स्टेशन ऐसे है जहां पीने के पानी का नमूने फेल हो गए है। यात्रियों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। जिसके चलते उसने उत्तर रेलवे के डीआरएम 63 स्टेशनों पर हुए पीने के पानी के नमूने फेल की सूचना मांगी थी। किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावा दिल्ली-सहारनपुर रेलवे लाइन का दोहरीकरण, विद्युतीकरण और बड़ौत-अग्रवाल मंडी टटीरी में बनने वाले रेलवे फाटक और फ्लाइओवर के बारे में जानकारी मांगी। इसका भी कोई जवाब नहीं दिया गया है। उसने केंद्रीय सूचना आयोग में इसकी अपील की गई। जिसके बाद उत्तर रेलवे के डीआरएम को 31 जनवरी को तलब किया है। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर स्वच्छ पानी के लिए वह जल्द हाईकोर्ट में जनहित में वाद दायर करेंगे।
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एएसपी सूचना आयोग में तलब
बागपत। आरटीआई कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता पवन तिवारी ने बताया कि ईश्वरी प्रसाद तिवारी के खिलाफ वर्ष 2014 में कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ । आरोप है कि पुलिस ने केस की सहीं विवेचना नहीं की। आरटीआई के तहत सूचना मांगी तो इस संबंध में अपूर्ण जानकारी दी गई। इसकी राज्य सूचना आयोग में अपील की। इस पर आयोग ने जन सूचना अधिकारी एएसपी को दो फरवरी को तलब किया है।
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