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वैदिक धर्म को करना होगा पुर्नजीवित
Updated Mon, 01 Jan 2018 01:21 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। रेलवे रोड स्थित आर्य समाज मंदिर में रविवार को यज्ञ का आयोजन किया, इसमें आर्यजनों ने आहुतियां दी।
यज्ञ के ब्रह्मा समर भानु आचार्य और यजमान प्रीतम सिंह वर्मा रहे। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती महान संयासी थे। सत्य, वेद तथा ईश्वर में सदैव विश्वास रखते थे। इन्हीं शास्त्रों द्वारा उन्होंने समाज में व्याप्त आडंबरों एवं कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया। आज हम जिस स्वतंत्र राष्ट्र में सांस ले रहे हैं, उस स्वराज के प्रथम मंत्र दाता, स्वदेशी, संस्कृति, राष्ट्रभाषा, स्वधर्म के पुजारी ऋषि ही थे, लेकिन इतिहासकारों ने इन तथ्यों को इतिहास से पृथक कर दिया। ऋषि वैदिक धर्म के प्रचारक थे। महाभारत काल में वैदिक धर्म का ह्रास हुआ। वर्तमान में सरकार वैदिक धर्म को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रही है। यज्ञ में डॉ. ओमवीर सिंह, रामबली राणा, राजपाल आर्य, ओमपाल शास्त्री, अंगिरस मुनि, गुलाब चंद, हरबीर चौधरी, रणतेज बहादुर, राजकुमार आर्य, विनोद भारद्वाज, सुनील आर्य, जसवीर मलिक, सुखपाल, रितिक आर्य आदि रहे।
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यज्ञ के ब्रह्मा समर भानु आचार्य और यजमान प्रीतम सिंह वर्मा रहे। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती महान संयासी थे। सत्य, वेद तथा ईश्वर में सदैव विश्वास रखते थे। इन्हीं शास्त्रों द्वारा उन्होंने समाज में व्याप्त आडंबरों एवं कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया। आज हम जिस स्वतंत्र राष्ट्र में सांस ले रहे हैं, उस स्वराज के प्रथम मंत्र दाता, स्वदेशी, संस्कृति, राष्ट्रभाषा, स्वधर्म के पुजारी ऋषि ही थे, लेकिन इतिहासकारों ने इन तथ्यों को इतिहास से पृथक कर दिया। ऋषि वैदिक धर्म के प्रचारक थे। महाभारत काल में वैदिक धर्म का ह्रास हुआ। वर्तमान में सरकार वैदिक धर्म को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रही है। यज्ञ में डॉ. ओमवीर सिंह, रामबली राणा, राजपाल आर्य, ओमपाल शास्त्री, अंगिरस मुनि, गुलाब चंद, हरबीर चौधरी, रणतेज बहादुर, राजकुमार आर्य, विनोद भारद्वाज, सुनील आर्य, जसवीर मलिक, सुखपाल, रितिक आर्य आदि रहे।