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1ु किलो मीटर दूरी तय कर जाते है खेतों में
Updated Thu, 07 Dec 2017 01:02 AM IST
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दाहा (बागपत)। क्षेत्र के चार गांवों के 150 किसानों की हिंडन के दूसरे छोर पर खेती की जमीन है। किसानों को हर रोज करीब 15 किलो मीटर का सफर तय कर खेतों की सिंचाई करने के लिए जाना पड़ता है। किसान कई साल से हिंडन नदी पर पुल की मांग कर रहे हैं, कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। किसानों ने प्रशासन से दोबारा इसकी मांग उठाई है।
झूंडपुर, तमेला गढ़ी, बंजरन पट्टी मिलाना गांव के करीब 150 किसानों को हर रोज अपनी फसलों की सिंचाई करने और पशुओं का चारा लेने 15 किलो मीटर का सफर तय करा पड़ता है। कुछ किसान जान जोखिम में डालकर नहर को पार कर खेतों में जाते है। जबकि पूर्व में हादसे भी हो चुके है। कुछ कृषक अपने साधन से खेतों तक पहुंचते है, कुछ पानी कम होने के कारण नहरों को पार कर जाते है। प्रशासन से लेकर शासन तक से गांव के लोग हिंडन पर पुल की मांग कर चुके है। कहीं भी उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है। सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों को भी इसकी इससे अवगत कराया जा चुका है। कोई भी सुनवाई करने को तैयार नहीं है। चुनाव के समय ग्रामीणों को आश्वासन दिया जाता है। मुद्दा बनाकर उनसे वोट ले लेते है, पर उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं करता है। प्रधान चरण सिंह, संजय प्रधान, सोमपाल, यशपाल, रामबीर, असलम, मीर हसन, राजपाल, सुखबीर, वाचक, सोहनवीर शर्मा ने बताया समस्या तो गंभीर है। किसी का इस और कोई ध्यान नहीं है। इसके लिए आंदोलन चलाया जाएगा, तभी कुछ कार्रवाई हो सकती है।
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झूंडपुर, तमेला गढ़ी, बंजरन पट्टी मिलाना गांव के करीब 150 किसानों को हर रोज अपनी फसलों की सिंचाई करने और पशुओं का चारा लेने 15 किलो मीटर का सफर तय करा पड़ता है। कुछ किसान जान जोखिम में डालकर नहर को पार कर खेतों में जाते है। जबकि पूर्व में हादसे भी हो चुके है। कुछ कृषक अपने साधन से खेतों तक पहुंचते है, कुछ पानी कम होने के कारण नहरों को पार कर जाते है। प्रशासन से लेकर शासन तक से गांव के लोग हिंडन पर पुल की मांग कर चुके है। कहीं भी उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है। सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों को भी इसकी इससे अवगत कराया जा चुका है। कोई भी सुनवाई करने को तैयार नहीं है। चुनाव के समय ग्रामीणों को आश्वासन दिया जाता है। मुद्दा बनाकर उनसे वोट ले लेते है, पर उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं करता है। प्रधान चरण सिंह, संजय प्रधान, सोमपाल, यशपाल, रामबीर, असलम, मीर हसन, राजपाल, सुखबीर, वाचक, सोहनवीर शर्मा ने बताया समस्या तो गंभीर है। किसी का इस और कोई ध्यान नहीं है। इसके लिए आंदोलन चलाया जाएगा, तभी कुछ कार्रवाई हो सकती है।
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