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32 किलोमीटर लंबे मार्ग पर चार ही बसें
Updated Sat, 23 Sep 2017 12:51 AM IST
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32 किलोमीटर लंबे मार्ग पर चार ही बसें
- बड़ौत-टांडा मार्ग पर दोनों ओर पड़ते हैं कई गांव
बड़ौत (बागपत)। बड़ौत-टांडा मार्ग पर बसों के अभाव के चलते यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को दोगुना किराया देकर डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
बता दें कि बड़ौत-टांडा मार्ग 32 किलोमीटर लंबा है। इसके दोनों ओर बावली, बिराल, रमाला, किरठल, लूंब, कुर्डी, तुगाना आदि सहित दो दर्जन से अधिक गांवों पड़ते हैं। प्रतिदिन इन गांवों से हजारों यात्री आवागमन करते हैं। लेकिन बड़ौत डिपो की ओर से इस लंबे मार्ग पर मात्र चार रोडवेज बसें ही संचालित हैं। शाम को तो बस मिलती ही नहीं है।
ओवरलोड डग्गामार वाहनों के चलते हादसों का भी डर बना रहता है। लगातार विभागीय अफसरों से बसों की संख्या बढ़वाएं जाने की मांग की जा रही है। लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। अनिल, राजकुमार, पुष्पेंद्र चौहान, सुमित, नीरज, सुरेंद्र, हरपाल, अमरदीप, सागर, छोटू सहित अन्य ने मौजूदा हालात पर चिंता जताई। इस संबंध में स्टेशन प्रभारी अजय सक्सेना से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि डिपों की चार बसें संचालित हैं। विभागीय अफसरों से बातचीत कर अधिक बसें बढ़ाएं जाने का प्रयास किया जाएगा।
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- बड़ौत-टांडा मार्ग पर दोनों ओर पड़ते हैं कई गांव
बड़ौत (बागपत)। बड़ौत-टांडा मार्ग पर बसों के अभाव के चलते यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को दोगुना किराया देकर डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
बता दें कि बड़ौत-टांडा मार्ग 32 किलोमीटर लंबा है। इसके दोनों ओर बावली, बिराल, रमाला, किरठल, लूंब, कुर्डी, तुगाना आदि सहित दो दर्जन से अधिक गांवों पड़ते हैं। प्रतिदिन इन गांवों से हजारों यात्री आवागमन करते हैं। लेकिन बड़ौत डिपो की ओर से इस लंबे मार्ग पर मात्र चार रोडवेज बसें ही संचालित हैं। शाम को तो बस मिलती ही नहीं है।
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ओवरलोड डग्गामार वाहनों के चलते हादसों का भी डर बना रहता है। लगातार विभागीय अफसरों से बसों की संख्या बढ़वाएं जाने की मांग की जा रही है। लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। अनिल, राजकुमार, पुष्पेंद्र चौहान, सुमित, नीरज, सुरेंद्र, हरपाल, अमरदीप, सागर, छोटू सहित अन्य ने मौजूदा हालात पर चिंता जताई। इस संबंध में स्टेशन प्रभारी अजय सक्सेना से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि डिपों की चार बसें संचालित हैं। विभागीय अफसरों से बातचीत कर अधिक बसें बढ़ाएं जाने का प्रयास किया जाएगा।
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