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सैकड़ो गांव के लिए काल बनी कृष्णा नदी
Updated Mon, 18 Sep 2017 01:32 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
कृष्णा नदी क्षेत्र के सैकड़ों गांव के ग्रामीणों के लिए काल बन गई है। नदी मेें बहने वाला दूषित पानी लोगों के घरों में लगे हैंडपंपों में पहुंचा रहा है। इसका सेवन करने से लोग बीमार पड़े रहे हैं, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद भी क्षेत्रवासियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कृष्णा नदी के किनारे पर दोनों ओर सैकड़ों गांव बसे हैं, जो रोजाना कृष्णा नदी से अपने फसलों की सिंचाई करने के अलावा पशुओं का पानी पिलाते हैं, लेकिन अब नदी में मिलों अर फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी प्रभावित होने से नदी जहरीली हो चुकी है। क्षेत्रवासी रविंद्र हट्टी, हरिमोहन शर्मा, बबलू आदि ने बताया नदी में प्रभावित जहरीला पानी अब लोगों के घरों में लगे हैंडपंपों में पहुंच रहा है। इसके सेवन से लोग बीमार पड़ रहा है। जहरीला पानी पीने से लोग कैंसर सहित पेट-दर्द, चम रोग, टीबी आदि जैसी खतरनाक बीमारियों का शिकार बन रहे है। दर्जनों लोगों की कैंसर के कारण मौत भी हो चुकी है।
उन्होंने कहा नदी में शुद्ध पानी छोड़ने के अलावा हैंडपंप 200 फुट के स्थान पर 400 फुट गहरे लगवाने की सैकड़ों बार मांग की जा चुकी है, लेकिन किसी का ध्यान नहीं है। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं। इनमें मांगेराम, प्रमोद कुमार, सुभाष चंद, प्रवेश, ब्रजमोहन, रविंद्र, प्रवीण आदि रहे।
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कृष्णा नदी क्षेत्र के सैकड़ों गांव के ग्रामीणों के लिए काल बन गई है। नदी मेें बहने वाला दूषित पानी लोगों के घरों में लगे हैंडपंपों में पहुंचा रहा है। इसका सेवन करने से लोग बीमार पड़े रहे हैं, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद भी क्षेत्रवासियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कृष्णा नदी के किनारे पर दोनों ओर सैकड़ों गांव बसे हैं, जो रोजाना कृष्णा नदी से अपने फसलों की सिंचाई करने के अलावा पशुओं का पानी पिलाते हैं, लेकिन अब नदी में मिलों अर फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी प्रभावित होने से नदी जहरीली हो चुकी है। क्षेत्रवासी रविंद्र हट्टी, हरिमोहन शर्मा, बबलू आदि ने बताया नदी में प्रभावित जहरीला पानी अब लोगों के घरों में लगे हैंडपंपों में पहुंच रहा है। इसके सेवन से लोग बीमार पड़ रहा है। जहरीला पानी पीने से लोग कैंसर सहित पेट-दर्द, चम रोग, टीबी आदि जैसी खतरनाक बीमारियों का शिकार बन रहे है। दर्जनों लोगों की कैंसर के कारण मौत भी हो चुकी है।
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उन्होंने कहा नदी में शुद्ध पानी छोड़ने के अलावा हैंडपंप 200 फुट के स्थान पर 400 फुट गहरे लगवाने की सैकड़ों बार मांग की जा चुकी है, लेकिन किसी का ध्यान नहीं है। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं। इनमें मांगेराम, प्रमोद कुमार, सुभाष चंद, प्रवेश, ब्रजमोहन, रविंद्र, प्रवीण आदि रहे।
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