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विश्वकर्मा समाज के साथ भेदभाव कर रही प्रदेश सरकार
Updated Wed, 06 Sep 2017 01:15 AM IST
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बिनौली (बागपत)।
शाहपुर बाणगंगा गांव में मंगलवार को आयोजित विश्वकर्मा एकता विकास सभा में समाज को एकजुट होकर मजबूत बनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर समाज की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया।
सभा में सभा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष एडवोकेट ने कहा कि विश्वकर्मा समाज के लोग समतामूलक समाज की अवधारणा से श्रम एवं रचना के सिद्धांत को प्रतिपादित करते हुए देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं, लेकिन इस समाज के लोग आजादी के दशकाें बाद भी सर्वाधिक उपेक्षित और भेदभाव का शिकार है। समाज रोजी-रोटी एवं भागीदारी के अपने मूलभूत संवैधानिक अधिकारों से वंचित और शोषित है। हमें समाज को मजबूत बनाने की जरूरत है। कहा कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था और स्वाभिमान के प्रतीक भगवान विश्वकर्मा को महापुरूष बताकर तथा पूजा पर्व का शासकीय अवकाश रद्द कर अपमानित किेया जा रहा है। इससे समाज मेें आक्रोश पनपता जा रहा है। समाज के हित में संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया गया। बैठक में विजयपाल पांचाल, सुंदर, अनुज विश्वकर्मा ने भी विचार रखे।
अध्यक्षता रोहताश ने व संचालन अनुज ने किया। बैठक में महेंद्र, ब्रजपाल, वीरसैन, बाबूराम, प्रदीप, राजेंद्र, राजपाल, रामपाल, जगदीश, जय सिंह, सतपाल, प्रकाश, राधे, किरणपाल, कवरपाल, रामबीर, ओमपाल, राजन, मनोज, मनोहर, तेजपाल, विक्रम शामिल रहे।
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शाहपुर बाणगंगा गांव में मंगलवार को आयोजित विश्वकर्मा एकता विकास सभा में समाज को एकजुट होकर मजबूत बनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर समाज की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया।
सभा में सभा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष एडवोकेट ने कहा कि विश्वकर्मा समाज के लोग समतामूलक समाज की अवधारणा से श्रम एवं रचना के सिद्धांत को प्रतिपादित करते हुए देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं, लेकिन इस समाज के लोग आजादी के दशकाें बाद भी सर्वाधिक उपेक्षित और भेदभाव का शिकार है। समाज रोजी-रोटी एवं भागीदारी के अपने मूलभूत संवैधानिक अधिकारों से वंचित और शोषित है। हमें समाज को मजबूत बनाने की जरूरत है। कहा कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था और स्वाभिमान के प्रतीक भगवान विश्वकर्मा को महापुरूष बताकर तथा पूजा पर्व का शासकीय अवकाश रद्द कर अपमानित किेया जा रहा है। इससे समाज मेें आक्रोश पनपता जा रहा है। समाज के हित में संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया गया। बैठक में विजयपाल पांचाल, सुंदर, अनुज विश्वकर्मा ने भी विचार रखे।
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अध्यक्षता रोहताश ने व संचालन अनुज ने किया। बैठक में महेंद्र, ब्रजपाल, वीरसैन, बाबूराम, प्रदीप, राजेंद्र, राजपाल, रामपाल, जगदीश, जय सिंह, सतपाल, प्रकाश, राधे, किरणपाल, कवरपाल, रामबीर, ओमपाल, राजन, मनोज, मनोहर, तेजपाल, विक्रम शामिल रहे।
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