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कृष्णपाल तंवर राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित
Updated Sat, 02 Sep 2017 01:12 AM IST
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कृष्णपाल तंवर राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित
बागपत। आधुनिकता की चकाचौंध में दम तोड़ रही गुरु-शिष्य परंपरा को जनता इंटर कॉलेज सूजरा के प्रधानाचार्य कृष्णपाल सिंह तंवर ने अपने विद्यालय में जीवंत किया। संस्कार, खेल और शिक्षा के समन्वय का बेहतर माहौल तैयार किया। यही कारण है कि शिक्षक दिवस पर उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार दिए जाने के लिए चुना गया है। कहते हैं कि उपलब्धि से वह गौरवान्वित हैं।
सूजरा के जनता इंटर कॉलेज में आसपास के गांवों के करीब आठ सौ छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अट्ठारह साल पहले शबगा से उन्हें तबादला कर सूजरा में प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि संस्था ने खेलकूद और शिक्षा में ऊंचाईयां हासिल की। वह बताते हैं कि संस्था में खेलकूद के नियमित अभ्यास के साथ-साथ नित्य योग और हवन कराया जाता है। स्कूल में निशानेबाजी सिखाई जाती है। इसके लिए दो पिस्टल और एक राइफल से छात्र निशानेबाजी का अभ्यास करते हैं। ताइक्वांडो में छात्र राष्ट्रीय खेलों में भाग ले चुके हैं।
छात्रा अनुसुइया ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता। गठीना के प्रदीप हर रोज बच्चों को मार्शल आर्ट का अभ्यास कराते हैं। नैतिक शिक्षा के साथ सामाजिक शिक्षा के बारे में बच्चों को विशेष तौर पर पढ़ाया जाता है। यही कारण है कि उन्हें राज्य पुरस्कार के लिए चुना गया। शिक्षक दिवस पर राज्यपाल राम नाईक उन्हें यह पुरसेार देंगे। मानव संसाधन मंत्रालय के प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक, बेसिक शिक्षा के निदेशक ने 15 जून को लखनऊ में साक्षात्कार लिया था।
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तीन साल की सेवा का विस्तार
बागपत। सुन्हैड़ा गांव के कृष्णपाल तंवर कामयाबी से गदगद है। वह बताते हैं कि बतौर पुरस्कार उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा तीन वर्ष की सेवा का विस्तार होगा।
शिक्षण के साथ कराए सामाजिक कार्य
बागपत। विद्यालय में शिक्षण कार्य के साथ-साथ प्रधानाचार्य सामाजिक कार्यों में भी योगदान किया। नि:शुल्क नेत्र शिविर लगाया, जिसमें 200 लोगों की आंखों का ऑपरेशन कराया। 50 लोगों को नेत्रदान कराने के लिए प्रेरित किया। एक हजार से ज्यादा पौधरोपण किया। लोगों को पर्यावरण के लिए जागरूक किया। केंद्र और प्रदेश सरकार की स्वच्छता अभियान के लिए गांव के लोगों के साथ-साथ बच्चों को जागरूक किया जाता है।
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बागपत। आधुनिकता की चकाचौंध में दम तोड़ रही गुरु-शिष्य परंपरा को जनता इंटर कॉलेज सूजरा के प्रधानाचार्य कृष्णपाल सिंह तंवर ने अपने विद्यालय में जीवंत किया। संस्कार, खेल और शिक्षा के समन्वय का बेहतर माहौल तैयार किया। यही कारण है कि शिक्षक दिवस पर उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार दिए जाने के लिए चुना गया है। कहते हैं कि उपलब्धि से वह गौरवान्वित हैं।
सूजरा के जनता इंटर कॉलेज में आसपास के गांवों के करीब आठ सौ छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अट्ठारह साल पहले शबगा से उन्हें तबादला कर सूजरा में प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि संस्था ने खेलकूद और शिक्षा में ऊंचाईयां हासिल की। वह बताते हैं कि संस्था में खेलकूद के नियमित अभ्यास के साथ-साथ नित्य योग और हवन कराया जाता है। स्कूल में निशानेबाजी सिखाई जाती है। इसके लिए दो पिस्टल और एक राइफल से छात्र निशानेबाजी का अभ्यास करते हैं। ताइक्वांडो में छात्र राष्ट्रीय खेलों में भाग ले चुके हैं।
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छात्रा अनुसुइया ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता। गठीना के प्रदीप हर रोज बच्चों को मार्शल आर्ट का अभ्यास कराते हैं। नैतिक शिक्षा के साथ सामाजिक शिक्षा के बारे में बच्चों को विशेष तौर पर पढ़ाया जाता है। यही कारण है कि उन्हें राज्य पुरस्कार के लिए चुना गया। शिक्षक दिवस पर राज्यपाल राम नाईक उन्हें यह पुरसेार देंगे। मानव संसाधन मंत्रालय के प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक, बेसिक शिक्षा के निदेशक ने 15 जून को लखनऊ में साक्षात्कार लिया था।
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तीन साल की सेवा का विस्तार
बागपत। सुन्हैड़ा गांव के कृष्णपाल तंवर कामयाबी से गदगद है। वह बताते हैं कि बतौर पुरस्कार उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा तीन वर्ष की सेवा का विस्तार होगा।
शिक्षण के साथ कराए सामाजिक कार्य
बागपत। विद्यालय में शिक्षण कार्य के साथ-साथ प्रधानाचार्य सामाजिक कार्यों में भी योगदान किया। नि:शुल्क नेत्र शिविर लगाया, जिसमें 200 लोगों की आंखों का ऑपरेशन कराया। 50 लोगों को नेत्रदान कराने के लिए प्रेरित किया। एक हजार से ज्यादा पौधरोपण किया। लोगों को पर्यावरण के लिए जागरूक किया। केंद्र और प्रदेश सरकार की स्वच्छता अभियान के लिए गांव के लोगों के साथ-साथ बच्चों को जागरूक किया जाता है।