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राष्ट्रीय लोक अदालत में 2368 वादों का निस्तारण
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:51 AM IST
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बागपत। राष्ट्रीय लोक अदालत का जनपद न्यायालय में आयोजन किया। इसमें सुलह समझौते के आधार पर 2368 वादों का निस्तारण किया। आठ दंपतियों के बीच चल रहे विवाद का सुलह कराया गया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का शनिवार को आयोजन किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव निशांत मान के मुताबिक न्यायिक अधिकारियों ने सुलह समझौते के आधार पर 1081 शमनीय आपराधिक वाद, एक वाद धारा 138 प्राक्रम्य विलेख अधिनियम, सात मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिनियम से संबधित वाद, आठ वैवाहिक याचिका और 27 दीवानी प्रकृति के वादों का निस्तारण किया । इसमें 66,26,401 रुपये लाभार्थियों को दिलाए । अधीनस्थ राजस्व न्यायालय ने 1194 वादों का निस्तारण कर 7,97,700 रुपये दिलाए। बैंक ऋण से संबंधित 50 मामले प्री लिटिगेशन के माध्यम से बैंक प्रबंधकों और ऋणियों की आपसी सुलह के आधार पर निस्तारित किए और 26,61,670 रुपये ऋणीगत ने संबधित बैंकों को अदा किए। प्रशासनिक न्यायमूर्ति बागपत, शिवकुमार सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत कार्यवाही का पर्यवेक्षण किया।
उन्होंने न्यायिक अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा अगली राष्ट्रीय लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा वादों का निस्ताण किया जाए। उन्होंने वादकरियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा जन समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत बहुत लाभकारी है। इस मौके पर जनपद न्यायाधीश रामकृष्ण शुक्ल के अलावा न्यायिक अधिकारी रमेश चंद्र, डॉ. मनु कालिया, शक्तिपुत्र तोमर, समर पाल सिंह बालियान, विपिन कुमार, मुकेश कुमार सिंह, आबिद शमीम, प्रेम प्रकाश जायसवाल, लकी सिंह आदि मौजूद रहे। दूसरी तरफ राष्ट्रीय लक अदालत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। सीओ श्वेताभ पांडेय ने ड्यूटी प्वाइंटों की जांच की।
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पांच साल बाद दंपति के बीच हुआ सुलह समझौता
बागपत। शामली के भनेड़ा गांव के गोपाल की शादी टीकरी कस्बा की अंजलि के साथ वर्ष 2007 में हुई थी। उनके बीच 2012 से विवाद चल रहा था। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर उनकी समस्या का निस्तारण किया । दोनों एक साथ घर गए। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का शनिवार को आयोजन किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव निशांत मान के मुताबिक न्यायिक अधिकारियों ने सुलह समझौते के आधार पर 1081 शमनीय आपराधिक वाद, एक वाद धारा 138 प्राक्रम्य विलेख अधिनियम, सात मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिनियम से संबधित वाद, आठ वैवाहिक याचिका और 27 दीवानी प्रकृति के वादों का निस्तारण किया । इसमें 66,26,401 रुपये लाभार्थियों को दिलाए । अधीनस्थ राजस्व न्यायालय ने 1194 वादों का निस्तारण कर 7,97,700 रुपये दिलाए। बैंक ऋण से संबंधित 50 मामले प्री लिटिगेशन के माध्यम से बैंक प्रबंधकों और ऋणियों की आपसी सुलह के आधार पर निस्तारित किए और 26,61,670 रुपये ऋणीगत ने संबधित बैंकों को अदा किए। प्रशासनिक न्यायमूर्ति बागपत, शिवकुमार सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत कार्यवाही का पर्यवेक्षण किया।
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उन्होंने न्यायिक अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा अगली राष्ट्रीय लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा वादों का निस्ताण किया जाए। उन्होंने वादकरियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा जन समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत बहुत लाभकारी है। इस मौके पर जनपद न्यायाधीश रामकृष्ण शुक्ल के अलावा न्यायिक अधिकारी रमेश चंद्र, डॉ. मनु कालिया, शक्तिपुत्र तोमर, समर पाल सिंह बालियान, विपिन कुमार, मुकेश कुमार सिंह, आबिद शमीम, प्रेम प्रकाश जायसवाल, लकी सिंह आदि मौजूद रहे। दूसरी तरफ राष्ट्रीय लक अदालत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। सीओ श्वेताभ पांडेय ने ड्यूटी प्वाइंटों की जांच की।
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पांच साल बाद दंपति के बीच हुआ सुलह समझौता
बागपत। शामली के भनेड़ा गांव के गोपाल की शादी टीकरी कस्बा की अंजलि के साथ वर्ष 2007 में हुई थी। उनके बीच 2012 से विवाद चल रहा था। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर उनकी समस्या का निस्तारण किया । दोनों एक साथ घर गए। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।