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नई जिंदगी की तलाश में शबगा से गए थे कैराना
Updated Thu, 30 Aug 2018 01:20 AM IST
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बागपत। कैराना में लाड़लों के घर लौटने का इंतजार कर रहे नौशाद और हबीब के परिवार को हादसे की सूचना मिली तो मातम छा गया। गमजदा परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शबगा गांव के रहने वाले इस परिवार ने पहले बुढ़ाना में प्लाट खरीदा था, लेकिन मुजफ्फरनगर दंगे के बाद बुढ़ाना का प्लाट बेच दिया। इसके बाद कैराना में प्लॉट खरीदा और एक साल पहले ही अपना मकान बनाया, लेकिन मौत की नजर परिवार की खुशियों को लग गई।
हादसे का शिकार हुआ परिवार मूल रूप से बागपत के शबगा गांव का रहने वाला है। देर रात गमजदा परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। मृतकों के चचेरे भाई आशु ने बताया कि तीनों मकानों में पत्थर घिसने और लगाने का काम करते थे। घर से बड़ौत आए थे। परिवार के लोग इंतजार ही कर रहे थे कि इस बीच हादसे की सूचना मिली। आशु ने बताया कि पहले उनका प्लाट मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में था, लेकिन दंगे के बाद परिवार ने यहां मकान नहीं बनाने का फैसला किया। हबीब अपने बेटे सोनू और नौशाद के साथ कैराना में बस गया, लेकिन छपरौली रोड पर बैठी मौत ने इस परिवार की खुशियां छीन ली।
राजमिस्त्री है नौशाद, परिवार बेहाल
बागपत। मृतक नईम और नदीम का पिता नौशाद राज मिस्त्री है। बिलखते नौशाद ने बताया कि नफीस, अनस दो बेटे और जोया नाम की बेटी है।
रहमतनगर में छाया गम, परिवार बेहाल
बागपत। हादसे की जानकारी मिलते ही कैराना के रहमतनगर में गम छा गया। झाड़खेड़ी गांव के निकट कैराना में बसी कॉलोनी में जैसे ही हादसे की जानकारी पहुंची गम पसर गया। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। नौशाद का कहना है कि उसका सहारा छिन गया।
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हादसे का शिकार हुआ परिवार मूल रूप से बागपत के शबगा गांव का रहने वाला है। देर रात गमजदा परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। मृतकों के चचेरे भाई आशु ने बताया कि तीनों मकानों में पत्थर घिसने और लगाने का काम करते थे। घर से बड़ौत आए थे। परिवार के लोग इंतजार ही कर रहे थे कि इस बीच हादसे की सूचना मिली। आशु ने बताया कि पहले उनका प्लाट मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में था, लेकिन दंगे के बाद परिवार ने यहां मकान नहीं बनाने का फैसला किया। हबीब अपने बेटे सोनू और नौशाद के साथ कैराना में बस गया, लेकिन छपरौली रोड पर बैठी मौत ने इस परिवार की खुशियां छीन ली।
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राजमिस्त्री है नौशाद, परिवार बेहाल
बागपत। मृतक नईम और नदीम का पिता नौशाद राज मिस्त्री है। बिलखते नौशाद ने बताया कि नफीस, अनस दो बेटे और जोया नाम की बेटी है।
रहमतनगर में छाया गम, परिवार बेहाल
बागपत। हादसे की जानकारी मिलते ही कैराना के रहमतनगर में गम छा गया। झाड़खेड़ी गांव के निकट कैराना में बसी कॉलोनी में जैसे ही हादसे की जानकारी पहुंची गम पसर गया। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। नौशाद का कहना है कि उसका सहारा छिन गया।
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