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12 दिवसीय वैराग्य प्रवचनमाला का शुभारंभ
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:30 AM IST
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12 दिवसीय वैराग्य प्रवचन माला का शुभारंभ
बड़ौत। सुरत्न सागर महाराज ने विहर्ष सभागार में बुधवार को वैराग्य प्रवचन माला के प्रथम दिन मंगलाचरण करते हुए कहा कि अभी तक हमने राग, द्वेष और मोह की बात की और सुनी। जीव ने हमेशा से राग द्वेष मोह किया। इस कारण जीव 84 लाख योनियों में भ्रमण कर रहा है। आचार्य कहते हैं कि जिसके अंदर वैराग्य आ जाता है, वह राग को समझ लेता है। वैराग्य को धारण कर अपने तप साधना से कर्मों को नष्ट कर भगवंत बनकर वीतराग पड़ पा लिया। सभा में सुभाष चंद जैन ,मुकेश जैन,सुरेश जैन,प्रदीप जैन,वरदान जैन,प्रवीण जैन,सुनील जैन,सुंदरलाल जैन आदि उपस्थित रहे। शाम को मुनि के सानिध्य में महामृत्युंजय जाप अनुष्ठान का आयोजन विहर्श सभागार में किया गया।
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बड़ौत। सुरत्न सागर महाराज ने विहर्ष सभागार में बुधवार को वैराग्य प्रवचन माला के प्रथम दिन मंगलाचरण करते हुए कहा कि अभी तक हमने राग, द्वेष और मोह की बात की और सुनी। जीव ने हमेशा से राग द्वेष मोह किया। इस कारण जीव 84 लाख योनियों में भ्रमण कर रहा है। आचार्य कहते हैं कि जिसके अंदर वैराग्य आ जाता है, वह राग को समझ लेता है। वैराग्य को धारण कर अपने तप साधना से कर्मों को नष्ट कर भगवंत बनकर वीतराग पड़ पा लिया। सभा में सुभाष चंद जैन ,मुकेश जैन,सुरेश जैन,प्रदीप जैन,वरदान जैन,प्रवीण जैन,सुनील जैन,सुंदरलाल जैन आदि उपस्थित रहे। शाम को मुनि के सानिध्य में महामृत्युंजय जाप अनुष्ठान का आयोजन विहर्श सभागार में किया गया।