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स्वामी कल्याण देव की 142 वी की जयंती किरठल में धूमधाम से मनायी गयी
Updated Fri, 22 Jun 2018 01:16 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। विश्वकर्मा एकता विकास सभा उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आदर्श शिक्षा सदन इंटर कालेज किरठल बागपत में वीतराग शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव की 142वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर यज्ञ के यजमान बलजोर सिंह विश्वकर्मा सधर्मपत्नी रहे । अध्यक्षता मा. विनोद विश्वकर्मा (प्रदेश कोषाध्यक्ष ) ने की। संचालन सचिन विश्वकर्मा और सुरेंद्र विश्वकर्मा ने किया । अतिथि जगतगुरु विश्वकर्मा शंकराचार्य मोनी बाबा औघड़ नाथ जी हरिद्वार, सुदर्शन विश्वकर्मा गोरखपुर, गुरुदत्त आर्य जी मुजफ्फरनगर, शिवकुमार आर्य घरौंडा हरियाणा, पंडित अजय भारद्वाज गाजियाबाद , जगदीश पांचाल, दिनेश वत्स एडवोकेट मनीष विश्वकर्मा प्रदेश अध्यक्ष रहे। भजन गायकों ने भक्तिरस द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विश्वकर्मा समाज के 10 वीं और 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं तथा समाजसेवा में उत्कर्ष योगदान दे रहे समाजसेवियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
वक्ताओं ने स्वामी कल्याण देव के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया । वक्ताओं ने कहा शिक्षा के बिना किसी व्यक्ति, समाज, राष्ट्र का विकास संभव नही हैं। इसलिए स्वामी जी ने गांव-गांव शिक्षा का दीप जलाया और 500 से भी अधिक शिक्षण संस्थाओं की स्थापना की। शिक्षा के अभाव में बच्चे नशे, जुएं, गंदी संगत की ओर आकर्षित होकर जीवन नष्ट कर रहे हैं। ऐेसे में किसी भी हाल में बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलानी चाहिए। विश्वकर्मा समाज में अनेक महापुरुष हुए हैं, जिन्होंने देश के लिए अनेक कार्य किए, लेकिन सरकार उनका सम्मान नहीं करती। विश्वकर्मा समाज का इस्तेमाल केवल वोट बैंक के रूप में किया जा रहा है।
इस अवसर पर जगदीश पांचाल, परमेंद्र जागड़ा, ओमपाल पांचाल, रोहताश विश्वकर्मा, रूपचंद विश्वकर्मा, महेंद्र विश्वकर्मा, राजपाल विश्वकर्मा, राजेंद्र पाल पांचाल, धर्मपाल जांगिड़, राम कुमार विश्वकर्मा, सत्यप्रकाश विश्वकर्मा, जगदीश विश्वकर्मा, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, राजीव विश्वकर्मा, राजबीर विश्वकर्मा, सुधीर शर्मा, रत्न पांचाल, ब्रजपाल, शिवकुमार, धर्मपाल, राजीव कुमार महिपाल, जगदीश, महिपाल, राजेंद्र, विलेंद्र, राम निवास, राजबीर, महेंद्र, ओमबीर, भरत, श्याम सिंह, प्रदीप, रामबीर, इलम चंद, राजेंद्र, सुरेंद्र, ब्रह्म पाल, सुभाष चमन सिंह, रविंद्र, राजपाल, रामनाथ, पालेराम एडवोकेट, मनीष विश्वकर्मा आदि रहे।
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वक्ताओं ने स्वामी कल्याण देव के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया । वक्ताओं ने कहा शिक्षा के बिना किसी व्यक्ति, समाज, राष्ट्र का विकास संभव नही हैं। इसलिए स्वामी जी ने गांव-गांव शिक्षा का दीप जलाया और 500 से भी अधिक शिक्षण संस्थाओं की स्थापना की। शिक्षा के अभाव में बच्चे नशे, जुएं, गंदी संगत की ओर आकर्षित होकर जीवन नष्ट कर रहे हैं। ऐेसे में किसी भी हाल में बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलानी चाहिए। विश्वकर्मा समाज में अनेक महापुरुष हुए हैं, जिन्होंने देश के लिए अनेक कार्य किए, लेकिन सरकार उनका सम्मान नहीं करती। विश्वकर्मा समाज का इस्तेमाल केवल वोट बैंक के रूप में किया जा रहा है।
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इस अवसर पर जगदीश पांचाल, परमेंद्र जागड़ा, ओमपाल पांचाल, रोहताश विश्वकर्मा, रूपचंद विश्वकर्मा, महेंद्र विश्वकर्मा, राजपाल विश्वकर्मा, राजेंद्र पाल पांचाल, धर्मपाल जांगिड़, राम कुमार विश्वकर्मा, सत्यप्रकाश विश्वकर्मा, जगदीश विश्वकर्मा, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, राजीव विश्वकर्मा, राजबीर विश्वकर्मा, सुधीर शर्मा, रत्न पांचाल, ब्रजपाल, शिवकुमार, धर्मपाल, राजीव कुमार महिपाल, जगदीश, महिपाल, राजेंद्र, विलेंद्र, राम निवास, राजबीर, महेंद्र, ओमबीर, भरत, श्याम सिंह, प्रदीप, रामबीर, इलम चंद, राजेंद्र, सुरेंद्र, ब्रह्म पाल, सुभाष चमन सिंह, रविंद्र, राजपाल, रामनाथ, पालेराम एडवोकेट, मनीष विश्वकर्मा आदि रहे।
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