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मौसम की बेरूखी से हर कोई परेशान
Updated Mon, 18 Jun 2018 12:44 AM IST
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बागपत। मौसम का मिजाज लोगों को समझ नहीं आ रहा है। आकाश में बादल छाते है, लेकिन बरसते नहीं। गर्मी का सितम कम नहीं हो रहा है। रविवार का भी यह ही हाल रहा है। सुबह से ही बादल छाए हुए थे। ठंडी हवा चल रही , लेकिन बारिश नहीं हुई।
रविवार को दोपहर के समय अचानक गर्मी बढ़ गई है, इससे लोग परेशान हो गए। पिछले चार-पांच रोज से मौसम करवट बदल रहा है। धूल भरी आंधी से जहां लोगों को परेशानी हुई। कुछ दिन पहले काली आंधी के बाद झमाझम बारिश हुई। कुछ समय से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन बाद में वह फिर से इसका सितम बढ़ गया। रविवार को दिनभर आकाश में बादल छाए रहे। ठंडी हवाएं चल रही । सुबह के समय लोगों को बारिश का पूरा अनुमान लग रहा है, लेकिन दोपहर होते-होते गर्मी बढ़ गई। जिले के कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। इससे तापमान में गिरावट आई। किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फसलों की सही प्रकार से सिंचाई हो सके। उन्हें नलकूपों का सहारा न लेना पड़े। मौसम की बेरुखी के कारण किसान भी हताश हो गए है। लोगों नलकूपों से ही फसलों की सिंचाई कर रहे हैं।
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रविवार को दोपहर के समय अचानक गर्मी बढ़ गई है, इससे लोग परेशान हो गए। पिछले चार-पांच रोज से मौसम करवट बदल रहा है। धूल भरी आंधी से जहां लोगों को परेशानी हुई। कुछ दिन पहले काली आंधी के बाद झमाझम बारिश हुई। कुछ समय से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन बाद में वह फिर से इसका सितम बढ़ गया। रविवार को दिनभर आकाश में बादल छाए रहे। ठंडी हवाएं चल रही । सुबह के समय लोगों को बारिश का पूरा अनुमान लग रहा है, लेकिन दोपहर होते-होते गर्मी बढ़ गई। जिले के कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। इससे तापमान में गिरावट आई। किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि फसलों की सही प्रकार से सिंचाई हो सके। उन्हें नलकूपों का सहारा न लेना पड़े। मौसम की बेरुखी के कारण किसान भी हताश हो गए है। लोगों नलकूपों से ही फसलों की सिंचाई कर रहे हैं।
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