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मुख्यमंत्री आवास योजना के जिले में नहीं मिले पात्र
Updated Thu, 10 May 2018 01:24 AM IST
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बागपत। जिले में मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए श्रेणी के अनुसार पात्र परिवार नहीं हैं। सरकार ने जो श्रेणी निर्धारित की है, वो जिले में नहीं हैं। हालांकि 2011 की जनगणना से वंचित रह गए परिवारों का चयन किया जाएगा तो कुछ परिवार इसके दायरे में आ सकते हैं। परियोजना निदेशक ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए ऐसी पांच केटेगिरी निर्धारित की गई जो जिले में हैं ही नहीं। इसी आधार पर परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने बीडीओ से पात्रों की सूची ली तो एक भी पात्र इस योजना के लिए नहीं मिला। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण प्रशासन के लिए फाइलों में रखने के लिए एक शासनादेश बन कर रह गई है। आवास लेने के लिए लोगों को हर रोज चार-पांच प्रार्थना पत्र आते हैं, जो फाइलों में ही लग रहे हैं। जबकि संयुक्त विकास आयुक्त पत्रों के माध्यम से पात्रों की सूची का सत्यापन के लिए पत्र लिख रहे हैं जबकि असलियत यह है कि जिले में योजना का एक भी पात्र नहीं है। परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने बताया कि जिले में पांच केटेगिरी मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित की गई हैं। इसके लिए कोई भी जिले में पात्र नहीं मिला है। शासन को इससे अवगत करा दिया गया है। सिक डाटा से पात्रों का चुनाव करें तो कुछ को लाभ मिल सकता है।
आवास के लिए ये है पांच केटेगिरी
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए जैपनीज इंसेफ्लाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) से पीड़ित, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, काला जार से प्रभावित, बन टांगिया मूसाह परिवार और अंत में 2011 की जनगणना से वंचित परिवार आदि केटेगिरी निर्धारित हैं।
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2011 की मतगणना से वंचित हैं 226 परिवार
परियोजना निदेशक ने बताया कि 2011 की जनगणना यानी सिक डाटा से वंचित रहे 226 परिवार हैं, जिन्हें योजना का लाभ दिया जा सकता है, लेकिन बाकी की पात्रता को पूरा नहीं किया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए ऐसी पांच केटेगिरी निर्धारित की गई जो जिले में हैं ही नहीं। इसी आधार पर परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने बीडीओ से पात्रों की सूची ली तो एक भी पात्र इस योजना के लिए नहीं मिला। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण प्रशासन के लिए फाइलों में रखने के लिए एक शासनादेश बन कर रह गई है। आवास लेने के लिए लोगों को हर रोज चार-पांच प्रार्थना पत्र आते हैं, जो फाइलों में ही लग रहे हैं। जबकि संयुक्त विकास आयुक्त पत्रों के माध्यम से पात्रों की सूची का सत्यापन के लिए पत्र लिख रहे हैं जबकि असलियत यह है कि जिले में योजना का एक भी पात्र नहीं है। परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने बताया कि जिले में पांच केटेगिरी मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित की गई हैं। इसके लिए कोई भी जिले में पात्र नहीं मिला है। शासन को इससे अवगत करा दिया गया है। सिक डाटा से पात्रों का चुनाव करें तो कुछ को लाभ मिल सकता है।
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आवास के लिए ये है पांच केटेगिरी
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए जैपनीज इंसेफ्लाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) से पीड़ित, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, काला जार से प्रभावित, बन टांगिया मूसाह परिवार और अंत में 2011 की जनगणना से वंचित परिवार आदि केटेगिरी निर्धारित हैं।
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2011 की मतगणना से वंचित हैं 226 परिवार
परियोजना निदेशक ने बताया कि 2011 की जनगणना यानी सिक डाटा से वंचित रहे 226 परिवार हैं, जिन्हें योजना का लाभ दिया जा सकता है, लेकिन बाकी की पात्रता को पूरा नहीं किया जा सकता है।