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दोघट में खुरपका-मूंहपका से 15 पशुओं की मौत
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:03 AM IST
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दोघट (बागपत)।
कस्बा दोघट में पशुओं में खुरपका मुंहपका बीमारी से आठ दिन में 15 पशुओं कमी मौत हो चुकी है और सैकड़ों पशु बीमार हैं। कस्बा वासियों में पशु चिकित्सकों के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
दोघट में पिछले आठ दिन से खुरपका-मुंहपका बीमारी फैली है। इस बीमारी से राजपाल की चार गाय, नरेंद्र की दो भैंस, गुड्डू की चार भैंस, प्रकाशी की दो भैंस, सोनू की दो भैंस, मोहनलाल की चार भैंस, राजेंद्र पंडित की गाय बीमार हैं। इनके अलावा भी कस्बे में सैकड़ों पशु बीमारी से ग्रसित हैं। अब तक 15 पशुओं की मौत हो चुकी है। लोगों ने बताया कि कस्बा में पशु अस्पताल में तैनात महिला पशु चिकित्साधिकारी ड्यूटी पर नहीं आती है। चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ही अस्पताल चला रही है। इस संबंध में उन्होंने विभागीय अफसरों को भी सूचना दी, लेकिन कोई भी पशु चिकित्सक नहीं आया और न ही अभी तक पशुओं में खुरपका-मुंहपका बीमारी के टीके ही लगाए हैं। कस्बा वासियों में पशु चिकित्सकों के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को कस्बे में चिकित्सकों की टीम भेजी जाएगी। पशु चिकित्सक घर-घर जाकर बीमार पशुओं की जांच करेंगे।
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कस्बा दोघट में पशुओं में खुरपका मुंहपका बीमारी से आठ दिन में 15 पशुओं कमी मौत हो चुकी है और सैकड़ों पशु बीमार हैं। कस्बा वासियों में पशु चिकित्सकों के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
दोघट में पिछले आठ दिन से खुरपका-मुंहपका बीमारी फैली है। इस बीमारी से राजपाल की चार गाय, नरेंद्र की दो भैंस, गुड्डू की चार भैंस, प्रकाशी की दो भैंस, सोनू की दो भैंस, मोहनलाल की चार भैंस, राजेंद्र पंडित की गाय बीमार हैं। इनके अलावा भी कस्बे में सैकड़ों पशु बीमारी से ग्रसित हैं। अब तक 15 पशुओं की मौत हो चुकी है। लोगों ने बताया कि कस्बा में पशु अस्पताल में तैनात महिला पशु चिकित्साधिकारी ड्यूटी पर नहीं आती है। चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ही अस्पताल चला रही है। इस संबंध में उन्होंने विभागीय अफसरों को भी सूचना दी, लेकिन कोई भी पशु चिकित्सक नहीं आया और न ही अभी तक पशुओं में खुरपका-मुंहपका बीमारी के टीके ही लगाए हैं। कस्बा वासियों में पशु चिकित्सकों के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को कस्बे में चिकित्सकों की टीम भेजी जाएगी। पशु चिकित्सक घर-घर जाकर बीमार पशुओं की जांच करेंगे।
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