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कम ही सही, जिले के हिस्से में भी आएगी खुशी

Fri, 23 Feb 2018 12:45 AM IST
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:45 AM IST
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कम ही सही, जिले के हिस्से में भी आएगी खुशी
कम ही सही, जिले के हिस्से में भी आएगी खुशी
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बागपत। लखनऊ की इन्वेस्टर्स समिट से यूपी में महानिवेश की तैयारी है। बदले माहौल से जिले के यूपीएसआईडीसी क्षेत्र के हिस्से में भी थोड़ी खुशी आ सकती हैं। समिट में शामिल हुए क्षेत्र के उद्यमियों ने यहां फैक्ट्री लगाने में दिलचस्पी दिखाई है। नए नियम कहते हैं कि प्लाट के आवंटन के बाद उद्यमी को एक साल में प्रोडक्शन करना होगा, नहीं तो प्लाट का आवंटन रद हो जाएगा। ऐसे में जुलाई से पहले यहां फैक्ट्रियां चलने की उम्मीद हैं।
इन्वेस्टर्स समिट के जरिए सूबे में उद्यमियों के लिए निवेश के दरवाजे खोले जा रहे हैं। बागपत में यूपी स्टेट इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड का 267.60 एकड़ एरिया है। लेकिन करीब डेढ़ दशक बाद भी इस क्षेत्र का विकास नहीं हुआ है। उद्योग नहीं लगे तो रोजगार के अवसर भी नहीं खुले। इसकी अलग-अलग वजह रही। यूपीएसआईडीसी के जेई धीरज मिश्रा बताते हैं कि प्लाट लेकर उद्यमी यहां पर प्रोडक्शन शुरू नहीं कर रहे थे। लेकिन नया नियम है कि अब प्लॉट लेने के एक साल के अंदर ही प्रोडक्शन शुरू करना होगा। जुलाई 2017 में यह नियम लागू किया गया है, ऐसे में जुलाई 2018 तक यहां पर फैक्ट्रियां बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी लोगों को मिलेंगे। उधर, समिट में शामिल हुए चार उद्यमियों ने भी करोड़ों रुपये के निवेश का मन बनाया है।
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इनसेट
उद्यमी को चाहिए सुरक्षा और सुविधा
बागपत। यूपी स्टेट इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जयपाल सिंह कहते हैं कि उद्यमी को सुविधा और सुरक्षा मिलेगी तो निवेश बढ़ेगा। निवेश होगा तो क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा। स्थानीय प्रशासन का भी बड़ा योगदान रहता है।
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इनसेट
यह हुआ इन्वेस्टर्स समिट का लाभ
बागपत। यूपीएसआईडीसी ने 267.60 एकड जमीन अधिग्रहित की है। इसमें 268 प्लाट काटे गए। इनमें से अब तक 221 आवंटित हो चुके हैं। छह प्लॉट विवादित हैं। 41 प्लॉट आवंटन के लिए उपलब्ध हैं। यूपीएसआईडीसी के जेई धीरज मिश्रा बताते हैं कि खाली प्लाट लेने के लिए फरवरी माह में ही करीब 17 आवेदन आए हैं। समिट से भी व्यापारियों का रुझान बढ़ा है।
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