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पानी की शुद्धता जाचंगी राष्ट्रीय स्तर की टीम
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:22 AM IST
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बागपत। जिले में दूषित होते जा रहे है हैंडपंपों की जांच होगी। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर की टीम का गठन किया। देश के 164 जिले को चयन हुआ। इसमें बागपत को भी शामिल किया। इसके लिए प्रशासन ने भी तैयारी कर ली है।
जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों का पानी प्रदूषित है। गांव के लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में हैं। कैंसर ने लोगों को जकड़ा हुआ है। त्वचा रोग कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एनजीटी के आदेश पर प्रदूषित हैंडपंपों को प्रशासन द्वारा उखड़वा दिए हैं। इसके बाद भी समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्रदूषित पानी की चपेट में है। एनजीटी की ओर से लगातार जल और वायु को शुद्ध करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। अब राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार की ओर से टीम का गठन किया। जो प्रदूषित पानी की जांच पड़ताल करेगी, इसकी रिपोर्ट सरकार को देंगे। इसके लिए देश के 164 जिले का चयन किया। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को लिया, इसमें बागपत को शामिल है। स्वच्छ भारत ग्रामीण पेयजल योजना के अंतर्गत पानी की जांच पड़ताल होगी। इसको देखकर केंद्र सरकार ने जो जनपद काफी प्रदूषित हो चुके हैं, इनका चयन किया। पानी जांच के लिए अलग से इंजीनियरों की टीम का गठन किया। यह टीम राष्ट्रीय स्तर की संस्था से लिए गए हैं। प्रदेश के अनु सचिव रमेश चंद्र मिश्र ने आदेश जारी कर जांच करने आने वाली टीम का सहयोग करने के निर्देश दिए। टीम जांच करने के बाद केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
यूपी के निम्न जिले शामिल
स्वच्छता अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के बागपत, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, श्रावस्ती शामिल हैं।
यह प्रदेश भी शामिल
बागपत। योजना में आंध प्रदेश के तीन, अरुणाचल प्रदेश के 14, असम के 11, चंडीगढ़ का एक, छत्तीसगढ़, प्रदेश के 14, तमिलनाडु के आठ, तेलगाना के चार, वेस्ट बंगाल के छह, त्रिपुरा का एक इन राज्यों के जनपदों को शामिल किए हैं। इनकी जांच स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण पेयजल योजना के तहत की जाएगी।
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जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों का पानी प्रदूषित है। गांव के लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में हैं। कैंसर ने लोगों को जकड़ा हुआ है। त्वचा रोग कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एनजीटी के आदेश पर प्रदूषित हैंडपंपों को प्रशासन द्वारा उखड़वा दिए हैं। इसके बाद भी समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्रदूषित पानी की चपेट में है। एनजीटी की ओर से लगातार जल और वायु को शुद्ध करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। अब राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार की ओर से टीम का गठन किया। जो प्रदूषित पानी की जांच पड़ताल करेगी, इसकी रिपोर्ट सरकार को देंगे। इसके लिए देश के 164 जिले का चयन किया। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को लिया, इसमें बागपत को शामिल है। स्वच्छ भारत ग्रामीण पेयजल योजना के अंतर्गत पानी की जांच पड़ताल होगी। इसको देखकर केंद्र सरकार ने जो जनपद काफी प्रदूषित हो चुके हैं, इनका चयन किया। पानी जांच के लिए अलग से इंजीनियरों की टीम का गठन किया। यह टीम राष्ट्रीय स्तर की संस्था से लिए गए हैं। प्रदेश के अनु सचिव रमेश चंद्र मिश्र ने आदेश जारी कर जांच करने आने वाली टीम का सहयोग करने के निर्देश दिए। टीम जांच करने के बाद केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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यूपी के निम्न जिले शामिल
स्वच्छता अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के बागपत, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, श्रावस्ती शामिल हैं।
यह प्रदेश भी शामिल
बागपत। योजना में आंध प्रदेश के तीन, अरुणाचल प्रदेश के 14, असम के 11, चंडीगढ़ का एक, छत्तीसगढ़, प्रदेश के 14, तमिलनाडु के आठ, तेलगाना के चार, वेस्ट बंगाल के छह, त्रिपुरा का एक इन राज्यों के जनपदों को शामिल किए हैं। इनकी जांच स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण पेयजल योजना के तहत की जाएगी।
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