{"_id":"5a14820b4f1c1b6e468b5930","slug":"31511293451-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माता-पिता बच्चों को बनाएं संस्कारवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माता-पिता बच्चों को बनाएं संस्कारवान
Updated Wed, 22 Nov 2017 01:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेमोरियल इंटर कॉलेज तवेला गढ़ी में चल रहे योग एवं चरित्र निर्माण शिविर के दूसरे दिन बच्चों को पीटी, सूर्य नमस्कार एवं जूडो कराटे का अभ्यास कराया।
योगाचार्य रवि शास्त्री ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों को संस्कारवान बनाना चाहिए। बचपन से ही बच्चों में अच्छे संस्कार देना मनुष्य का परम धर्म है। जिस प्रकार से कुम्हार मिट्टी का बर्तन बनाते वक्त जैसा आकार देता है, वैसे ही निर्माण हो जाता है। ठीक उसी प्रकार से हम सब का दायित्व बनता है कि देश की भावी पीढ़ी को संस्कारित अवश्य करें, तभी राष्ट्र उन्नति कर सकेगा। शिक्षक का दायित्व इस वर्तमान समय में सबसे अधिक बनता है कि वह अपने आचरण को शुद्ध रखते हुए बच्चों के निर्माण में अपनी भागीदारी को सुनिश्चित कर पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करना ही देश भक्ति एवं राष्ट्र प्रेम होगा। रूकुमपाल सिंह यादव, यतेंद्र आर्य, सतीश कुमार, अरविंद कुमार, प्रशांत उपस्थित रहे।
विज्ञापन
योगाचार्य रवि शास्त्री ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों को संस्कारवान बनाना चाहिए। बचपन से ही बच्चों में अच्छे संस्कार देना मनुष्य का परम धर्म है। जिस प्रकार से कुम्हार मिट्टी का बर्तन बनाते वक्त जैसा आकार देता है, वैसे ही निर्माण हो जाता है। ठीक उसी प्रकार से हम सब का दायित्व बनता है कि देश की भावी पीढ़ी को संस्कारित अवश्य करें, तभी राष्ट्र उन्नति कर सकेगा। शिक्षक का दायित्व इस वर्तमान समय में सबसे अधिक बनता है कि वह अपने आचरण को शुद्ध रखते हुए बच्चों के निर्माण में अपनी भागीदारी को सुनिश्चित कर पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करना ही देश भक्ति एवं राष्ट्र प्रेम होगा। रूकुमपाल सिंह यादव, यतेंद्र आर्य, सतीश कुमार, अरविंद कुमार, प्रशांत उपस्थित रहे।
विज्ञापन