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तहसील में आमरण अनशन पर बैठे दोनों पक्ष
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बड़ौत (बागपत)। चकबंदी को लेकर एक पक्ष के लोगों का तीसरे दिनभी आमरण अनशन जारी रहा, उनमें एक महिला समेत तीन लोगों की हालत बिगड गई। उनके विरोध मेें दूसरा पक्ष भी बुधवार को परिवार सहित धरने पर बैठ गया। जानकारी मिलने पर चकबंदी अधिकारी व एसडीएम ने उनसे वार्ता की, देर शाम तक वार्ता जारी रही लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया था।
चकबंदी मेें धांधली को लेकर बामनौली गांव के गुलवीर, जीत सिंह, कमल, रामकुमार, प्रकाशी, कमला, नीरज, सतेंद्र तीसरे दिन आमरण अनशन पर बैठे, लेकिन प्रकाशी, जीत सिंह, रामकुमार की हालत बिगड़ने पर सीएचसी से आए चिकित्सकों ने जांच की और तीनों को सीएचसी पर भर्ती करने की बात कही, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उधर, दूसरा पक्ष भी तहसील में धरने पर बैठ गया। उनका कहना था कि जो लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं, वे गलत हैं। धरने पर बैठने वालों में कषपाल, नीरज, किरणपाल, सुरेशवती, सुक्रमपाल, रूपेश, अनिरुद्ध, विशाल शामिल रहे। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी व हाथापाई भी हुई। पुलिस ने उन्हें अलग-अलग किया। उपसंचालक चकबंदी रणविजय, बंदोबस्त अधिकारी भीम सिंह सैन, सहायक चकबंदी अधिकारी अजब सिंह, एसडीएम आश्ीाष कुमार के नेतृत्व में दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता की, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया।
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चकबंदी मेें धांधली को लेकर बामनौली गांव के गुलवीर, जीत सिंह, कमल, रामकुमार, प्रकाशी, कमला, नीरज, सतेंद्र तीसरे दिन आमरण अनशन पर बैठे, लेकिन प्रकाशी, जीत सिंह, रामकुमार की हालत बिगड़ने पर सीएचसी से आए चिकित्सकों ने जांच की और तीनों को सीएचसी पर भर्ती करने की बात कही, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उधर, दूसरा पक्ष भी तहसील में धरने पर बैठ गया। उनका कहना था कि जो लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं, वे गलत हैं। धरने पर बैठने वालों में कषपाल, नीरज, किरणपाल, सुरेशवती, सुक्रमपाल, रूपेश, अनिरुद्ध, विशाल शामिल रहे। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी व हाथापाई भी हुई। पुलिस ने उन्हें अलग-अलग किया। उपसंचालक चकबंदी रणविजय, बंदोबस्त अधिकारी भीम सिंह सैन, सहायक चकबंदी अधिकारी अजब सिंह, एसडीएम आश्ीाष कुमार के नेतृत्व में दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता की, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया।
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