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वजूद बचाना है तो कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ एकजुट हों बेटियां : प्रकाशो तोमर
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:40 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। बयासी साल की उम्र में सटीक निशाने साधने वाले प्रकाशो तोमर का कहना है कि बेटियों का वजूद बचाना है तो पहली लड़ाई कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीति से है। इसका विरोध करें और डटकर मुकाबला करें। बेटी ही अगर बेटी को नहीं बचाएगी तो भला कैसे महिलाओं का वजूद जिंदा रह सकेगा।
रविवार को अंगदपुर जौहड़ी गांव में अमर उजाला के अनूठे अभियान अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स का प्रकाशो तोमर ने पोस्टर लांच किया। वह कहती हैं कि महिलाओं का सबसे ज्यादा नुकसान महिलाओं ने ही किया है। बेटे की चाह में गर्भ में ही बेटियों का गला घोंटा जा रहा है। जब तक घर-घर में इसका विरोध शुरू नहीं होगा, तब तक कैसे महिलाएं खुशहाल होंगी। जरूरत महिलाओं को खुद जागरूक होने की है। महिलाओं की पूजा शक्ति के रूप में होती है। यह भी सच है कि संसार महिलाओं के बिना अधूरा है, लेकिन अगर महिलाओं को अपना वजूद बचाना है तो लड़ाई भी खुद से ही लड़नी होगी।
जानिए प्रकाशो तोमर को
बड़ौत। मुजफ्फरनगर के खरड़ गांव में जन्मीं प्रकाशो तोमर की शादी साल 1958 में जौहड़ी निवासी जय सिंह के साथ हुई । चार बेटे और चार बेटियों की मां प्रकाशो तोमर की सबसे छोटी बेटी सीमा तोमर अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रैप शूटर हैं। पौत्री रूबी तोमर और प्रीति तोमर की जिद के बाद प्रकाशो तोमर ने शूटिंग रेंज पर जाना शुरू किया। यहीं पर निशानेबाजी शुरू की और राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते। वयोवृद्ध निशानेबाज चंद्रो तोमर इनकी जेठानी है।
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रविवार को अंगदपुर जौहड़ी गांव में अमर उजाला के अनूठे अभियान अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स का प्रकाशो तोमर ने पोस्टर लांच किया। वह कहती हैं कि महिलाओं का सबसे ज्यादा नुकसान महिलाओं ने ही किया है। बेटे की चाह में गर्भ में ही बेटियों का गला घोंटा जा रहा है। जब तक घर-घर में इसका विरोध शुरू नहीं होगा, तब तक कैसे महिलाएं खुशहाल होंगी। जरूरत महिलाओं को खुद जागरूक होने की है। महिलाओं की पूजा शक्ति के रूप में होती है। यह भी सच है कि संसार महिलाओं के बिना अधूरा है, लेकिन अगर महिलाओं को अपना वजूद बचाना है तो लड़ाई भी खुद से ही लड़नी होगी।
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जानिए प्रकाशो तोमर को
बड़ौत। मुजफ्फरनगर के खरड़ गांव में जन्मीं प्रकाशो तोमर की शादी साल 1958 में जौहड़ी निवासी जय सिंह के साथ हुई । चार बेटे और चार बेटियों की मां प्रकाशो तोमर की सबसे छोटी बेटी सीमा तोमर अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रैप शूटर हैं। पौत्री रूबी तोमर और प्रीति तोमर की जिद के बाद प्रकाशो तोमर ने शूटिंग रेंज पर जाना शुरू किया। यहीं पर निशानेबाजी शुरू की और राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते। वयोवृद्ध निशानेबाज चंद्रो तोमर इनकी जेठानी है।
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