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कल्पद्रुम विधान में अर्पित किए 108 अध्र्य, उतम आर्जव धर्म की हुई पूजा
Updated Mon, 17 Sep 2018 12:54 AM IST
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बागपत। दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन दिगंबर बड़ा जैन मंदिर में उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की। मंदिर में समाज के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। नाटिका का भी मंचन किया।
श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में श्रद्धालुओं ने उत्तम अर्जव धर्म की पूजा की। पं. अशोक जैन और सिद्धार्थ जैन के निर्देशन में भगवान श्री 1008 अजितनाथ, नेमिनाथ, शांतिनाथ, पार्श्वनाथ का मंत्रोचारण से अभिषेक किया गया। शांतिधारा का सौभाग्य पीयूष जैन के परिवार को मिला। नित्य नियम पूजन के दौरान भगवान अजितनाथ, भगवान पार्श्वनाथ, देव शास्त्र गुरु पूजन में पंच प्रमेष्ठि भगवानों को अर्ध्य अर्पित किए गए। कल्पदु्रम विधान में चार पूजा हुई, जिसमें 108 अर्ध्य समोशरण में चढ़ाए गए।
पं. अशोक जैन ने धर्मसभा में कहा कि उत्तम अर्जव धर्म को यदि अपने जीवन में अपना लिया तो कपट, छल जैसी अज्ञान की बातेें कभी दिल दिमाग में नहीं आएगी। हमारा जीवन संगति पर चलता है। सामूहिक आरती के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम और तमबोला का कार्यक्रम कराया। बाद में विजेता को सम्मानित किया। इसमें बिजेंद्र जैन, अतुल जैन, मयंक जैन, विकास जैन, मोहित जैन, पुनीत जैन, नमन जैन, नीलम जैन, प्रिया, कामिनी, प्रमोद जैन, आनंद जैन, शिखर चंद जैन, सुधीर जैन, अंतिमा, आस्था, नेहा, सुनील, नमन, मयंक जैन मौजूद रहे।
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श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में श्रद्धालुओं ने उत्तम अर्जव धर्म की पूजा की। पं. अशोक जैन और सिद्धार्थ जैन के निर्देशन में भगवान श्री 1008 अजितनाथ, नेमिनाथ, शांतिनाथ, पार्श्वनाथ का मंत्रोचारण से अभिषेक किया गया। शांतिधारा का सौभाग्य पीयूष जैन के परिवार को मिला। नित्य नियम पूजन के दौरान भगवान अजितनाथ, भगवान पार्श्वनाथ, देव शास्त्र गुरु पूजन में पंच प्रमेष्ठि भगवानों को अर्ध्य अर्पित किए गए। कल्पदु्रम विधान में चार पूजा हुई, जिसमें 108 अर्ध्य समोशरण में चढ़ाए गए।
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पं. अशोक जैन ने धर्मसभा में कहा कि उत्तम अर्जव धर्म को यदि अपने जीवन में अपना लिया तो कपट, छल जैसी अज्ञान की बातेें कभी दिल दिमाग में नहीं आएगी। हमारा जीवन संगति पर चलता है। सामूहिक आरती के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम और तमबोला का कार्यक्रम कराया। बाद में विजेता को सम्मानित किया। इसमें बिजेंद्र जैन, अतुल जैन, मयंक जैन, विकास जैन, मोहित जैन, पुनीत जैन, नमन जैन, नीलम जैन, प्रिया, कामिनी, प्रमोद जैन, आनंद जैन, शिखर चंद जैन, सुधीर जैन, अंतिमा, आस्था, नेहा, सुनील, नमन, मयंक जैन मौजूद रहे।
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