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आखिरी दिन बजट के गणित ने खूब जगाया
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:56 AM IST
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बागपत। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन कोषागार और एसबीआई की तीन शाखाओं में देर रात तक काम चलता रहा। जिला कोषाधिकारी देवानंद राम का कहना है कि अधिकतर बजट खर्च हो गया है, जिस वजह से लैप्स होने की संभावना कम है। विभागीय अधिकारी भी देर रात तक गणित फलाते रहे।
शनिवार को वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन रहा। बैंकों और सरकारी कार्यालयों में गहमागहमी रही। आम लोगों ने अपने बिल और बकाया भी जमा किए। उधर, सरकारी विभागों में शेष बजट को विभिन्न मदों में खर्च किए जाने का हिसाब जमा किया गया। करीब 15 दिन पहले ही जिले में 45 करोड़ रुपये बकाया था। डीएम ने अधिकारियों की बैठक लेकर इसे योजनाओं में खर्च करने के निर्देश दिए थे, ताकि बजट लैप्स न हो सके। एसबीआई खेकड़ा, बागपत और बड़ौत के अलावा जिला कोषागार में देर रात तक काम चलता रहा। बैंकों ने भी अपने लेन-देन का हिसाब बनाया। जिला कोषाधिकारी ने बताया कि अधिकतर बजट खर्च हो गया है, सही स्थिति की जानकारी सोमवार को हो सकेगी। बीएसए योगराज सिंह ने कहा कि उनके विभाग का बजट खर्च किया जा चुका है। डीआईओएस पीके मिश्रा ने भी बजट के खर्च होने की बात कही। डीडीओ हुब लाल ने कहा उन्हें जो बजट मिला वो पूरा खर्च हो गया है। सीएमओ सुषमा चंद्रा ने कहा कि पूरा बजट खर्च किया जा चुका है। समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने कहा कि जो बजट मिला था वो सभी खर्च कर दिया गया है। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी नाहिद परवीन ने बताया कि उनका कुछ धनराशि लेप्स हुई है। कितनी हुई यह उन्हें जानकारी नहीं है।
मार्च के आखिरी में खूब किए गए खर्च
पास करोड़ों रुपये का बजट बचा हुआ था। मार्च के आखिर में विभागों ने विभिन्न मदों में इस बजट को खर्च किया। कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
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शनिवार को वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन रहा। बैंकों और सरकारी कार्यालयों में गहमागहमी रही। आम लोगों ने अपने बिल और बकाया भी जमा किए। उधर, सरकारी विभागों में शेष बजट को विभिन्न मदों में खर्च किए जाने का हिसाब जमा किया गया। करीब 15 दिन पहले ही जिले में 45 करोड़ रुपये बकाया था। डीएम ने अधिकारियों की बैठक लेकर इसे योजनाओं में खर्च करने के निर्देश दिए थे, ताकि बजट लैप्स न हो सके। एसबीआई खेकड़ा, बागपत और बड़ौत के अलावा जिला कोषागार में देर रात तक काम चलता रहा। बैंकों ने भी अपने लेन-देन का हिसाब बनाया। जिला कोषाधिकारी ने बताया कि अधिकतर बजट खर्च हो गया है, सही स्थिति की जानकारी सोमवार को हो सकेगी। बीएसए योगराज सिंह ने कहा कि उनके विभाग का बजट खर्च किया जा चुका है। डीआईओएस पीके मिश्रा ने भी बजट के खर्च होने की बात कही। डीडीओ हुब लाल ने कहा उन्हें जो बजट मिला वो पूरा खर्च हो गया है। सीएमओ सुषमा चंद्रा ने कहा कि पूरा बजट खर्च किया जा चुका है। समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने कहा कि जो बजट मिला था वो सभी खर्च कर दिया गया है। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी नाहिद परवीन ने बताया कि उनका कुछ धनराशि लेप्स हुई है। कितनी हुई यह उन्हें जानकारी नहीं है।
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मार्च के आखिरी में खूब किए गए खर्च
पास करोड़ों रुपये का बजट बचा हुआ था। मार्च के आखिर में विभागों ने विभिन्न मदों में इस बजट को खर्च किया। कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।