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Baghpat News: बुखार से छात्रा की मौत, हर गांव में बढ़ रहे बीमार
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बागपत/बिनौली। पिचौकरा गांव में बुखार से बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा नितांशी पांचाल की शुक्रवार रात को मौत हो गई। वह कई दिन से बुखार से पीड़ित थी और उसका उपचार चल रहा था। उसकी अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ी और मौत हो गई। वहीं जिले के अधिकतर गांवों में बुखार के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना बुखार से पीड़ित 300 मरीज पहुंच रहे हैं और इनमें से ज्यादा हालत खराब वालों की जांच भी कराई जा रही है। वहां शनिवार को 175 मरीजों की जांच कराई गई।
मौसम में अचानक होने वाला बदलाव लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। कभी बारिश और कभी उमस के कारण सांस लेने में दिक्कत, बुखार, खांसी-जुकाम और अन्य रोगों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की लंबी कतार लग रही है। सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लाइन लग गई थी।
वहां बुखार के 300 से अधिक मरीज पहुंचे और डेंगू व मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर जांच कराई गई। इनमें 32 मरीजों की डेंगू, 58 की मलेरिया और 42 की टाइफाइड की जांच कराई गई। सीएमएस डॉ. अनुराग ने बताया कि बारिश के बाद उमस बढ़ने और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों को साफ पानी पीने, ताजा और स्वच्छ भोजन करने तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक जाने से बचने की सलाह दी है।
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पिचौकरा में 15 लोग बुखार की चपेट में
बिनौली। पिचौकरा गांव निवासी ओमवीर पांचाल की बेटी नितांशी की बुखार से मौत हुई है, जो चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर थीं। वहीं गांव में 15 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से शिविर लगाकर जांच करने के साथ ही लोगों का उपचार कराने की मांग की है। ओमवीर के अनुसार गांव में बुखार के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे पहले सिसाना में महिला, रटौल में युवक व मुकारी में बच्ची की मौत बुखार से हो चुकी है।
मौसम के फल और सब्जियां खाने की सलाह
डॉ. श्रवण कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की अपील की। इसके लिए मौसम के ताजे फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए। साथ ही साफ-सफाई रखने, पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी।
जिले के गांवों में 500 लोग बीमार
बागपत। जिले के गांवों में बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है और हर कोई बुखार की चपेट में आ रहा है। जिले के हर गांव में बुखार की चपेट में 500 से अधिक लोग हैं। इनमें सुन्हैड़ा में ब्रह्म सिंह, राजू, मुकेश, अरविंद, सोनू, जोनी, सांकरौद में निजामुद्दीन, राकेश, प्रमोद, फिरोजपुर गांव में नितिन, नरेश, रामनिवास और राजेश आदि को बुखार है। इनके अलावा रठौड़ा, कुरड़ी, नांगल, टांडा, लूंब, हेवा, शबगा, बरनावा, जिवाना, रंछाड़, सिरसली, बिजवाड़ा, पुट्ठी आदि गांव में लोग बुखार की चपेट में हैं। लोगों ने स्वास्थ्य शिविर लगवाकर जांच कर दवाई देने की मांग की है।
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यह सावधानियां बरतें
- बारिश में भीगने से बचें और गीले कपड़े तुरंत बदलें।
-फ्रीज में रखा हुआ खाना न खाएं, ताजा खाना ही खाएं।
- जिसे सर्दी-जुकाम या बुखार हो, उसके संपर्क में आने से बचें।
- खांसते और छींकते समय मुंह व नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
-इस समय बारिश होने पर जलभराव हो रहा है। सफाई करते रहें और गंदगी न होने दें।
-बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वालों का ख्याल रखें।
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मौसम में अचानक होने वाला बदलाव लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। कभी बारिश और कभी उमस के कारण सांस लेने में दिक्कत, बुखार, खांसी-जुकाम और अन्य रोगों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की लंबी कतार लग रही है। सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लाइन लग गई थी।
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वहां बुखार के 300 से अधिक मरीज पहुंचे और डेंगू व मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर जांच कराई गई। इनमें 32 मरीजों की डेंगू, 58 की मलेरिया और 42 की टाइफाइड की जांच कराई गई। सीएमएस डॉ. अनुराग ने बताया कि बारिश के बाद उमस बढ़ने और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों को साफ पानी पीने, ताजा और स्वच्छ भोजन करने तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक जाने से बचने की सलाह दी है।
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पिचौकरा में 15 लोग बुखार की चपेट में
बिनौली। पिचौकरा गांव निवासी ओमवीर पांचाल की बेटी नितांशी की बुखार से मौत हुई है, जो चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर थीं। वहीं गांव में 15 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से शिविर लगाकर जांच करने के साथ ही लोगों का उपचार कराने की मांग की है। ओमवीर के अनुसार गांव में बुखार के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे पहले सिसाना में महिला, रटौल में युवक व मुकारी में बच्ची की मौत बुखार से हो चुकी है।
मौसम के फल और सब्जियां खाने की सलाह
डॉ. श्रवण कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की अपील की। इसके लिए मौसम के ताजे फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए। साथ ही साफ-सफाई रखने, पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी।
जिले के गांवों में 500 लोग बीमार
बागपत। जिले के गांवों में बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है और हर कोई बुखार की चपेट में आ रहा है। जिले के हर गांव में बुखार की चपेट में 500 से अधिक लोग हैं। इनमें सुन्हैड़ा में ब्रह्म सिंह, राजू, मुकेश, अरविंद, सोनू, जोनी, सांकरौद में निजामुद्दीन, राकेश, प्रमोद, फिरोजपुर गांव में नितिन, नरेश, रामनिवास और राजेश आदि को बुखार है। इनके अलावा रठौड़ा, कुरड़ी, नांगल, टांडा, लूंब, हेवा, शबगा, बरनावा, जिवाना, रंछाड़, सिरसली, बिजवाड़ा, पुट्ठी आदि गांव में लोग बुखार की चपेट में हैं। लोगों ने स्वास्थ्य शिविर लगवाकर जांच कर दवाई देने की मांग की है।
यह सावधानियां बरतें
- बारिश में भीगने से बचें और गीले कपड़े तुरंत बदलें।
-फ्रीज में रखा हुआ खाना न खाएं, ताजा खाना ही खाएं।
- जिसे सर्दी-जुकाम या बुखार हो, उसके संपर्क में आने से बचें।
- खांसते और छींकते समय मुंह व नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
-इस समय बारिश होने पर जलभराव हो रहा है। सफाई करते रहें और गंदगी न होने दें।
-बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वालों का ख्याल रखें।