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रमाला में तोहफा, लेकिन मलकपुर के दर्द की दवा नहीं
Updated Mon, 19 Mar 2018 01:04 AM IST
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बागपत। सूबे की योगी सरकार ने जिले के किसानों को रमाला चीनी मिल के विस्तारीकरण का तोहफा दिया, लेकिन मलकपुर चीनी मिल का बकाया भुगतान दिलाने में भाजपा सरकार भी नाकाम साबित हुई है। सड़कों का लोकार्पण किया, लेकिन अभी भी कई बड़ी समस्याओं को जनपदवासी जूझ रहे हैं ।
यूपी सरकार ने 308 करोड़ रुपये की लागत से रमाला चीनी मिल के विस्तारीकरण को हरी झंडी देकर सरकार के पहले साल में ही बड़ा तोहफा दिया। शिलान्यास के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की जयंती पर खुद रमाला चीनी मिल आए थे। इसके अलावा जिला राजकीय पुस्तकालय के 68.75 लाख रुपये से होने वाले नवनिर्माण का शिलान्यास, केंद्रीय मार्ग निधि के तहत 47 करोड़ की लागत से बंथला-ढिकौली मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, फूड हाउसिंग योजना से टाइप-4 के 12 आवासों का लोकार्पण, जिला संयुक्त चिकित्सालय में 97.85 लाख रुपये की लागत से बनें ट्रामा सेंटर का लोकार्पण, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 35.73 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई पशु रोग निदान प्रयोगशाला समेत कई अन्य कार्य जरूर कराए, लेकिन जिले के किसानों की समस्या बड़ी समस्या बन गए मलकपुर चीनी मिल पर किसानों के करोड़ों रुपये के बकाया का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। चीनी मिल के अध्याशी पर मुकदमा और मिल की आरसी जारी की, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। जबकि सरकार ने कहा था कि प्रत्येक 14 दिन बाद नियमित रूप से भुगतान कराया जाएगा।
डार्क जोन खत्म, मिलने लगे कनेक्शन
बागपत। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिले के सभी ब्लॉक के डार्क जोन खत्म करन का एलान रमाला में किया। इसके बाद से किसानों को अब इन क्षेत्रों में भी बिजली के कनेक्शन मिलने शुरू हो गए हैं।
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समस्या-एक
किसान अब चाहें बागपत मिल का विस्तारीकरण
रमाला की तरह ही बागपत चीनी मिल क्षेत्र के किसान भी परेशान हैं। पेराई क्षमता कम होने के कारण सत्र देरी तक चलता है। किसानों को इंडेंट जारी नहीं किया जाता। किसान लंबे समय से इस मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं। विस्तारीकरण हुआ तो किसानों को बड़ी समस्या से निजात मिल जाएगी। जिले के किसानों की यह बड़ी समस्या है।
समस्या-दो
चकबंदी से टूट रहे हैं चार गांव के किसान
बामनौली, रंछाड़, बरनावा समेत चार गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। बामनौली के किसान ने आत्महत्या की, जबकि कई गांव के किसान आत्महत्या की अनुमति मांग चुके हैं। किसानों की मांग है कि निष्पक्ष रूप से चकबंदी की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
समस्या-तीन
हरियाणा से रकबे का विवाद
यूपी-हरियाणा के किसानों के बीच लंबे समय से जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद है। केंद्र के अलावा यूपी और हरियाणा में भाजपा की सरकार है, इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, जबकि दोनों राज्यों और केंद्र में भी भाजपा की सरकार है।
समस्या-चार
गंदा पानी पीने को मजबूर चौगामा
हिंडन-कृष्णा नदी के बीच में बसे चौगामा क्षेत्र के लोग प्रदूषित जल पीने को मजबूर हैं। यहां प्रत्येक वर्ष 70 सेमी भूजल स्तर गिर रहा है। चौगामा नहर का निर्माण 40 वर्ष पूर्व 1978 में शुरू हुआ था। आज भी यह अधूरी है और न ही इसमें पानी छोड़ा जा रहा है। यह समस्या सिर्फ एलान में ही उलझी हैं।
इन समस्याओं को भी देखिए
बागपत-मेरठ मार्ग की हालत खस्ता है। गड्ढों के कारण आए दिन हादसे होते हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में फैक्ट्रियों की संख्या अपेक्षा अनुरूप नहीं बढ़ी।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे एनएचएआई को सौंपा गया, लेकिन काम शुरू नहीं।
छपरौली में यमुना पुल पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है।
जिला मुख्यालय पर बस स्टैंड तक नहीं है, जिस कारण लोग परेशान हैं।
नाव हादसा झेला, राहत नहीं
बागपत। योगी सरकार में ही जिले में काठा नाव हादसा हुआ। 19 लोगों की मौत हो गई, लेकिन अब तक यमुना नदी पार करने के लिए कोई इंतजाम सरकार की ओर से नहीं किया गया। नदी के पास सिर्फ बोर्ड लगा दिया कि नदी पार करना खतरे से खाली नहीं है।
ेिववाह योजना के रुपये भी जांच में उलझे
बागपत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाद योजना के रुपये भी जांच में उलझ गए हैं। एक माह बीत जाने के बाद भी लाभार्थियों के खाते में रुपये नहीं पहुंच हैं।
भवन तैयार, कब चलेगा अस्पताल
बागपत। सपा सरकार के कार्यकाल में ही एक सौ बिस्तर का महिला अस्पताल बनकर तैयार हो गया था। लेकिन पिछले एक साल में इसे चालू तक नहीं कराया जा सका।
आधी-अधूरी ऋण माफी के आरोप
बागपत। सरकार ने घोषणा के अनुसार ऋण माफी की, लेकिन किसानों के बीच असंतोष की भावना देखने को मिली। सरकार का फार्मूला कारगर साबित नहीं हो सका।
एंटी स्कवॉयड हो गए फेल
बागपत। एंटी रोमियो स्कवॉयड गायब हो गए हैं। इसके अलावा एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स भी बेअसर साबित होने लगा है।
भाजपा विधायक योगेश धामा का कहना है कि सरकार ने विकास कार्य कराए हैं। किसानों की समस्याओं को समझा है। कानून व्यवस्था बेहतर होने लगी है।
भाजपा के बड़ौत विधायक केपी मलिक का कहना है कि योगी सरकार नए प्रदेश का निर्माण करने में जुटी है। पिछली सरकारों ने बागपत में काम नहीं कराया, लेकिन अब काम हो रहे हैं।
रालोद विधायक सहेंद्र सिंह रमाला का कहना है कि सरकार का काम सिर्फ झूठे वायदे करना है। उपचुनाव में जनता ने सरकार को आईना दिखाने का कार्य किया है।
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यूपी सरकार ने 308 करोड़ रुपये की लागत से रमाला चीनी मिल के विस्तारीकरण को हरी झंडी देकर सरकार के पहले साल में ही बड़ा तोहफा दिया। शिलान्यास के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की जयंती पर खुद रमाला चीनी मिल आए थे। इसके अलावा जिला राजकीय पुस्तकालय के 68.75 लाख रुपये से होने वाले नवनिर्माण का शिलान्यास, केंद्रीय मार्ग निधि के तहत 47 करोड़ की लागत से बंथला-ढिकौली मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, फूड हाउसिंग योजना से टाइप-4 के 12 आवासों का लोकार्पण, जिला संयुक्त चिकित्सालय में 97.85 लाख रुपये की लागत से बनें ट्रामा सेंटर का लोकार्पण, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 35.73 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई पशु रोग निदान प्रयोगशाला समेत कई अन्य कार्य जरूर कराए, लेकिन जिले के किसानों की समस्या बड़ी समस्या बन गए मलकपुर चीनी मिल पर किसानों के करोड़ों रुपये के बकाया का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। चीनी मिल के अध्याशी पर मुकदमा और मिल की आरसी जारी की, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। जबकि सरकार ने कहा था कि प्रत्येक 14 दिन बाद नियमित रूप से भुगतान कराया जाएगा।
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डार्क जोन खत्म, मिलने लगे कनेक्शन
बागपत। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिले के सभी ब्लॉक के डार्क जोन खत्म करन का एलान रमाला में किया। इसके बाद से किसानों को अब इन क्षेत्रों में भी बिजली के कनेक्शन मिलने शुरू हो गए हैं।
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समस्या-एक
किसान अब चाहें बागपत मिल का विस्तारीकरण
रमाला की तरह ही बागपत चीनी मिल क्षेत्र के किसान भी परेशान हैं। पेराई क्षमता कम होने के कारण सत्र देरी तक चलता है। किसानों को इंडेंट जारी नहीं किया जाता। किसान लंबे समय से इस मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं। विस्तारीकरण हुआ तो किसानों को बड़ी समस्या से निजात मिल जाएगी। जिले के किसानों की यह बड़ी समस्या है।
समस्या-दो
चकबंदी से टूट रहे हैं चार गांव के किसान
बामनौली, रंछाड़, बरनावा समेत चार गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। बामनौली के किसान ने आत्महत्या की, जबकि कई गांव के किसान आत्महत्या की अनुमति मांग चुके हैं। किसानों की मांग है कि निष्पक्ष रूप से चकबंदी की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
समस्या-तीन
हरियाणा से रकबे का विवाद
यूपी-हरियाणा के किसानों के बीच लंबे समय से जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद है। केंद्र के अलावा यूपी और हरियाणा में भाजपा की सरकार है, इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, जबकि दोनों राज्यों और केंद्र में भी भाजपा की सरकार है।
समस्या-चार
गंदा पानी पीने को मजबूर चौगामा
हिंडन-कृष्णा नदी के बीच में बसे चौगामा क्षेत्र के लोग प्रदूषित जल पीने को मजबूर हैं। यहां प्रत्येक वर्ष 70 सेमी भूजल स्तर गिर रहा है। चौगामा नहर का निर्माण 40 वर्ष पूर्व 1978 में शुरू हुआ था। आज भी यह अधूरी है और न ही इसमें पानी छोड़ा जा रहा है। यह समस्या सिर्फ एलान में ही उलझी हैं।
इन समस्याओं को भी देखिए
बागपत-मेरठ मार्ग की हालत खस्ता है। गड्ढों के कारण आए दिन हादसे होते हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में फैक्ट्रियों की संख्या अपेक्षा अनुरूप नहीं बढ़ी।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे एनएचएआई को सौंपा गया, लेकिन काम शुरू नहीं।
छपरौली में यमुना पुल पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है।
जिला मुख्यालय पर बस स्टैंड तक नहीं है, जिस कारण लोग परेशान हैं।
नाव हादसा झेला, राहत नहीं
बागपत। योगी सरकार में ही जिले में काठा नाव हादसा हुआ। 19 लोगों की मौत हो गई, लेकिन अब तक यमुना नदी पार करने के लिए कोई इंतजाम सरकार की ओर से नहीं किया गया। नदी के पास सिर्फ बोर्ड लगा दिया कि नदी पार करना खतरे से खाली नहीं है।
ेिववाह योजना के रुपये भी जांच में उलझे
बागपत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाद योजना के रुपये भी जांच में उलझ गए हैं। एक माह बीत जाने के बाद भी लाभार्थियों के खाते में रुपये नहीं पहुंच हैं।
भवन तैयार, कब चलेगा अस्पताल
बागपत। सपा सरकार के कार्यकाल में ही एक सौ बिस्तर का महिला अस्पताल बनकर तैयार हो गया था। लेकिन पिछले एक साल में इसे चालू तक नहीं कराया जा सका।
आधी-अधूरी ऋण माफी के आरोप
बागपत। सरकार ने घोषणा के अनुसार ऋण माफी की, लेकिन किसानों के बीच असंतोष की भावना देखने को मिली। सरकार का फार्मूला कारगर साबित नहीं हो सका।
एंटी स्कवॉयड हो गए फेल
बागपत। एंटी रोमियो स्कवॉयड गायब हो गए हैं। इसके अलावा एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स भी बेअसर साबित होने लगा है।
भाजपा विधायक योगेश धामा का कहना है कि सरकार ने विकास कार्य कराए हैं। किसानों की समस्याओं को समझा है। कानून व्यवस्था बेहतर होने लगी है।
भाजपा के बड़ौत विधायक केपी मलिक का कहना है कि योगी सरकार नए प्रदेश का निर्माण करने में जुटी है। पिछली सरकारों ने बागपत में काम नहीं कराया, लेकिन अब काम हो रहे हैं।
रालोद विधायक सहेंद्र सिंह रमाला का कहना है कि सरकार का काम सिर्फ झूठे वायदे करना है। उपचुनाव में जनता ने सरकार को आईना दिखाने का कार्य किया है।