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स्वच्छता के महत्व को समझना होगा
Updated Fri, 19 Jan 2018 01:16 AM IST
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दोघट (बागपत)। इनवायरमेंट एंड सोशल रिसर्च आर्गेनाइजेशन दिल्ली ने कमला नेहरू गर्ल्स विद्या मंदिर, बामनौली में पर्यावरण जागरूकता संदेश कार्यक्रम के अंतर्गत गोष्ठी की। इसमें वक्ताओं ने हर व्यक्ति को स्वच्छता के महत्व को समझना चाहिए।
इस गोष्ठी का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक नरेंद्र सिंह ने किया। गोष्ठी में कक्षा 6 से 10 तक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस मौके पर संगठन के संजय राणा ने कहा कि संपूर्ण विश्व में हर धर्म में जो भी मानव जन्म लेता है या मृत्यु के बाद इस पृथ्वी से अंतिम यात्रा से पहले सभी इंसानों को नहलाने से सांसारिक क्रियाएं आरंभ और अंत किया जाता है, लेकिन फिर भी स्वच्छता के लिए हमारे देश के कर्णधारों को आह्वान करना पड़ता है। तो हम कहां इंसान कहलाने लायक रह गए हैं। जब तक मनुष्य स्वच्छता का महत्व, वह चाहे पर्यावरण का हो या स्वयं का हो, नहीं समझेगा, तब तक पर्यावरण शुद्ध नहीं होगा। डॉ. प्रवीण ने कहा कि भोजन की बर्बादी का मतलब मिथेन गैस को बढ़ावा देना है। अत: हमें जितने खाने की आवश्यकता है, उतना ही लेना चाहिए। इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया । इसमें वर्षा प्रथम, नेहा द्वितीय और इकरा तृतीय रही। गोष्ठी की अध्यक्षता प्रधानाचार्य कौशल देवी ने की। संचालन एस्रो की सुषमा रानी ने किया। इसमें अर्चना, अमृता मलिक, उषा मलिक, नीरज सिंह आदि का सहयोग रहा।
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इस गोष्ठी का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक नरेंद्र सिंह ने किया। गोष्ठी में कक्षा 6 से 10 तक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस मौके पर संगठन के संजय राणा ने कहा कि संपूर्ण विश्व में हर धर्म में जो भी मानव जन्म लेता है या मृत्यु के बाद इस पृथ्वी से अंतिम यात्रा से पहले सभी इंसानों को नहलाने से सांसारिक क्रियाएं आरंभ और अंत किया जाता है, लेकिन फिर भी स्वच्छता के लिए हमारे देश के कर्णधारों को आह्वान करना पड़ता है। तो हम कहां इंसान कहलाने लायक रह गए हैं। जब तक मनुष्य स्वच्छता का महत्व, वह चाहे पर्यावरण का हो या स्वयं का हो, नहीं समझेगा, तब तक पर्यावरण शुद्ध नहीं होगा। डॉ. प्रवीण ने कहा कि भोजन की बर्बादी का मतलब मिथेन गैस को बढ़ावा देना है। अत: हमें जितने खाने की आवश्यकता है, उतना ही लेना चाहिए। इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया । इसमें वर्षा प्रथम, नेहा द्वितीय और इकरा तृतीय रही। गोष्ठी की अध्यक्षता प्रधानाचार्य कौशल देवी ने की। संचालन एस्रो की सुषमा रानी ने किया। इसमें अर्चना, अमृता मलिक, उषा मलिक, नीरज सिंह आदि का सहयोग रहा।
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