{"_id":"59c8088d4f1c1bb1688b69d5","slug":"21506281613-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा का जुलूस धूमधाम से निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा का जुलूस धूमधाम से निकाला
Updated Mon, 25 Sep 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
अजित नाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के तत्वावधान में विहर्ष सभागार में चल रहे कल्पद्रुम महामंडल विधान में जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की और इस अवसर पर चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा का जुलूस निकाला।
आचार्य सुंदर सागर महाराज के संसघ सानिध्य में चल रहें कल्पद्रुम महामंडल विधान में 501 इंद्र-इंद्राणियों ने भक्ति भाव से जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की। इस मौके पर चक्रवर्ती बने गौरव जैन की दिग्विजय यात्रा निकाली, जो उनके निवास स्थान संजय मूर्ति से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए विहर्ष सभागार में पहुंची। यात्रा में रथ पर चक्रवर्ती अपनी पटरानी के साथ सुशोभित थे, वहीं सौधर्म इंद्र अशोक जैन यज्ञ नायक देवेंद्र जैन और कुबेर जिनेंद्र जैन तथा अन्य इंद्र - इंद्राणी उपस्थित रहे।
इस मौके पर कुबेर इंद्र ने रत्न वर्षा भी की । वहीं कल्पद्रुम विधान की पूजा में ब्रह्म चारिणी रीता दीदी और विक्की भैय्या ने मंडल भूमि पूजा, प्रथम पीठ पूजा, द्वितीय पीठ पूजा, गंध कूटी पूजा की और मांडले पर 168 अर्घ्य समर्पित किए। इस मौके पर आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कल्पद्रुम विधान चक्रवर्ती के द्वारा मुंह मांगा दाम देकर किया जाता है और जिसमें जगत के समस्त जीवों की आशा पूर्ण की जाती है। यह यज्ञ चक्रवर्ती ही कर सकते हैं। इस विधान के नायक धर्मचक्र के स्वामी तीर्थकर ही होते हैं, क्योंकि इनसे बड़े और पूज्य तीनों लोगों में कोई नहीं है। विधान में मुनि अनुमान सागर महाराज और सुयश सागर महाराज ने भी विचार रखे। इसमें प्रमोद जैन, मदन लाल जैन, वरदान जैन, मुकेश जैन, संदीप जैन, बालकिशन जैन, संजय जैन, आदिश जैन, अभय जैन, राजेश भारती, शरद जैन, विवेक जैन आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अजित नाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के तत्वावधान में विहर्ष सभागार में चल रहे कल्पद्रुम महामंडल विधान में जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की और इस अवसर पर चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा का जुलूस निकाला।
आचार्य सुंदर सागर महाराज के संसघ सानिध्य में चल रहें कल्पद्रुम महामंडल विधान में 501 इंद्र-इंद्राणियों ने भक्ति भाव से जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की। इस मौके पर चक्रवर्ती बने गौरव जैन की दिग्विजय यात्रा निकाली, जो उनके निवास स्थान संजय मूर्ति से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए विहर्ष सभागार में पहुंची। यात्रा में रथ पर चक्रवर्ती अपनी पटरानी के साथ सुशोभित थे, वहीं सौधर्म इंद्र अशोक जैन यज्ञ नायक देवेंद्र जैन और कुबेर जिनेंद्र जैन तथा अन्य इंद्र - इंद्राणी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इस मौके पर कुबेर इंद्र ने रत्न वर्षा भी की । वहीं कल्पद्रुम विधान की पूजा में ब्रह्म चारिणी रीता दीदी और विक्की भैय्या ने मंडल भूमि पूजा, प्रथम पीठ पूजा, द्वितीय पीठ पूजा, गंध कूटी पूजा की और मांडले पर 168 अर्घ्य समर्पित किए। इस मौके पर आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कल्पद्रुम विधान चक्रवर्ती के द्वारा मुंह मांगा दाम देकर किया जाता है और जिसमें जगत के समस्त जीवों की आशा पूर्ण की जाती है। यह यज्ञ चक्रवर्ती ही कर सकते हैं। इस विधान के नायक धर्मचक्र के स्वामी तीर्थकर ही होते हैं, क्योंकि इनसे बड़े और पूज्य तीनों लोगों में कोई नहीं है। विधान में मुनि अनुमान सागर महाराज और सुयश सागर महाराज ने भी विचार रखे। इसमें प्रमोद जैन, मदन लाल जैन, वरदान जैन, मुकेश जैन, संदीप जैन, बालकिशन जैन, संजय जैन, आदिश जैन, अभय जैन, राजेश भारती, शरद जैन, विवेक जैन आदि रहे।
विज्ञापन